Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Mar 2023 · 1 min read

Aksar rishte wahi tikte hai

Aksar rishte wahi tikte hai
Jaha samjhdari , imandari aur sacchai shamil hoti hai.
😍 by sakshi

81 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.
You may also like:
माना तुम्हारे मुकाबिल नहीं मैं ...
माना तुम्हारे मुकाबिल नहीं मैं ...
डॉ.सीमा अग्रवाल
कोई पत्ता कब खुशी से अपनी पेड़ से अलग हुआ है
कोई पत्ता कब खुशी से अपनी पेड़ से अलग हुआ है
कवि दीपक बवेजा
*होइही सोइ जो राम रची राखा*
*होइही सोइ जो राम रची राखा*
Shashi kala vyas
दफ़न हो गई मेरी ख्वाहिशे जाने कितने ही रिवाजों मैं,l
दफ़न हो गई मेरी ख्वाहिशे जाने कितने ही रिवाजों मैं,l
गुप्तरत्न
हिंदी दोहा- महावीर
हिंदी दोहा- महावीर
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
छोड़ कर मुझे कहा जाओगे
छोड़ कर मुझे कहा जाओगे
Anil chobisa
रात का मायाजाल
रात का मायाजाल
Surinder blackpen
अन्न पै दाता की मार
अन्न पै दाता की मार
MSW Sunil SainiCENA
ख्वाब आँखों में सजा कर,
ख्वाब आँखों में सजा कर,
लक्ष्मी सिंह
' चाह मेँ ही राह '
' चाह मेँ ही राह '
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
मेरी बेटियाँ और उनके आँसू
मेरी बेटियाँ और उनके आँसू
DESH RAJ
प्रयास
प्रयास
Dr fauzia Naseem shad
"उम्र जब अल्हड़ थी तब
*Author प्रणय प्रभात*
अनादि
अनादि
सुशील मिश्रा (क्षितिज राज)
साँसों का संग्राम है, उसमें लाखों रंग।
साँसों का संग्राम है, उसमें लाखों रंग।
सूर्यकांत द्विवेदी
कैसे वोट बैंक बढ़ाऊँ? (हास्य कविता)
कैसे वोट बैंक बढ़ाऊँ? (हास्य कविता)
Dr. Kishan Karigar
कहा तुमने कभी देखो प्रेम  तुमसे ही है जाना
कहा तुमने कभी देखो प्रेम तुमसे ही है जाना
Ranjana Verma
वाणशैय्या पर भीष्मपितामह
वाणशैय्या पर भीष्मपितामह
मनोज कर्ण
हरा न पाये दौड़कर,
हरा न पाये दौड़कर,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Muhabhat guljar h,
Muhabhat guljar h,
Sakshi Tripathi
* रचो निज शौर्य से अनुपम,जवानी की कहानी को【मुक्तक】*
* रचो निज शौर्य से अनुपम,जवानी की कहानी को【मुक्तक】*
Ravi Prakash
💐प्रेम कौतुक-320💐
💐प्रेम कौतुक-320💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
प्रबुद्ध प्रणेता अटल जी
प्रबुद्ध प्रणेता अटल जी
Vijay kannauje
मुझे तरक्की की तरफ मुड़ने दो,
मुझे तरक्की की तरफ मुड़ने दो,
Satish Srijan
नैह
नैह
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
बुद्ध धम्म हमारा।
बुद्ध धम्म हमारा।
Buddha Prakash
मार्मिक फोटो
मार्मिक फोटो
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
लड़ते रहो
लड़ते रहो
Vivek Pandey
मेरी (उनतालीस) कविताएं
मेरी (उनतालीस) कविताएं
श्याम सिंह बिष्ट
धूल
धूल
नन्दलाल सुथार "राही"
Loading...