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7 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-7💐

7
किसी को याद करने के सैकड़ों बहाने हैं, परन्तु हे प्रिय!सबसे मधुर तथा पवित्र बहाना है,अश्रुओं से उर का भीग जाना।
-अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
93 Views
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