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4 Apr 2023 · 1 min read

2255.

2255.
🌷बेजुबां है जुबां नहीं खोलते🌷
2122 1212 212
बेजुबां है जुबां नहीं खोलते ।
जिंदगी भर हवा नहीं डोलते ।।
बस तमाशा यहाँ करें आदमी।
बौखला के कुत्ते नहीं भौंकते।।
प्यार की बात भी कहाँ जो कहे ।
बेरहम दिल सजा नहीं नोचते ।।
जो जख्मों में नमक रगड़ हँसते ।
रोज रोकर पता नहीं खोजते ।।
आज खेदू वक्त बेहया क्या करें ।
बेवजह हम कभी नहीं सोचते।।
………..✍प्रो .खेदू भारती “सत्येश”
4-4-2023 मंगलवार

1 Like · 324 Views
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