Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

देशभक्ति गीत

देशभक्ति गीत
लावणी छंद पर आधारित

मातृभूमि पर न्योछावर अब, हमरो सुबहो-शाम रही।
जबतक सागर रही हिमालय, हिन्द देश के नाम रही।

वीरभूमि भारत के जननी, वीर पूत जनमावे ली।
माई माटी की रक्षा में, सीस दिहल सिखलावे ली।
रोवे बबुआ जब राती में, ठपकी की साथे-साथे-
भगत सुभाष क कथा सुनावें, लोरी नाहीं गावे ली।

दुश्मन खातिर दुश्मन जइसन, सदा बुरा अंजाम रही।
जबतक सागर रही हिमालय, हिन्द देश के नाम रही।

भारत की गौरव गाथा के, सुंदर लिखल कहानी बा।
राणा की भाला के आगे, अकबर माँगत पानी बा।
पीठी पर बबुआ के बन्हली, हाथे में तलवार रहे-
भारत के ऊ वीर शेरनी , झांसी वाली रानी बा।

गंगा-यमुना भागीरथी में, नीर बहत अविराम रही।
जबतक सागर रही हिमालय, हिन्द देश के नाम रही।

सियाचीन गलवान कारगिल, हर मोर्चा पर हार भइल।
भारत की ताकत के आगे , दुश्मन जब लाचार भइल।
कायर छुप के घात लगावे, चीन और पाकिस्तानी-
जब-जब रणभेरी बाजल हऽ, भारत के जयकार भइल।

सबसे ऊंँचा रही तिरंगा, जय-जय आठो-याम रही।
जबतक सागर रही हिमालय, हिन्द देश के नाम रही।

(स्वरचित मौलिक)
#सन्तोष_कुमार_विश्वकर्मा_सूर्य’
तुर्कपट्टी, देवरिया, (उ.प्र.)
☎️7379598464

2 Likes · 1 Comment · 254 Views
You may also like:
गीत
शेख़ जाफ़र खान
समसामयिक बुंदेली ग़ज़ल /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
!¡! बेखबर इंसान !¡!
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
मोहब्बत की दर्द- ए- दास्ताँ
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
✍️यूँही मैं क्यूँ हारता नहीं✍️
'अशांत' शेखर
जाने कैसा दिन लेकर यह आया है परिवर्तन
आकाश महेशपुरी
बाबासाहेब 'अंबेडकर '
Buddha Prakash
क्यों भूख से रोटी का रिश्ता
Dr fauzia Naseem shad
"शौर्यम..दक्षम..युध्धेय, बलिदान परम धर्मा" अर्थात- बहादुरी वह है जो आपको...
Lohit Tamta
तुम ना आए....
डॉ.सीमा अग्रवाल
झूला सजा दो
Buddha Prakash
गोरे मुखड़े पर काला चश्मा
श्री रमण 'श्रीपद्'
राम घोष गूंजें नभ में
शेख़ जाफ़र खान
संविदा की नौकरी का दर्द
आकाश महेशपुरी
नए-नए हैं गाँधी / (श्रद्धांजलि नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
✍️दो पल का सुकून ✍️
Vaishnavi Gupta
✍️क्या सीखा ✍️
Vaishnavi Gupta
बेरूखी
Anamika Singh
खुद को तुम पहचानों नारी ( भाग १)
Anamika Singh
.....उनके लिए मैं कितना लिखूं?
ऋचा त्रिपाठी
जो आया है इस जग में वह जाएगा।
Anamika Singh
सच और झूठ
श्री रमण 'श्रीपद्'
✍️महानता✍️
'अशांत' शेखर
प्रात का निर्मल पहर है
मनोज कर्ण
"भोर"
Ajit Kumar "Karn"
बेटी को जन्मदिन की बधाई
लक्ष्मी सिंह
बदलते हुए लोग
kausikigupta315
पिता
Mamta Rani
समय का सदुपयोग
Anamika Singh
रिश्तों की डोर
मनोज कर्ण
Loading...