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दुनिया में कहे खातिर बहुते इयार

दुनिया में कहे खातिर बहुते इयार
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दुनिया में कहे खातिर बहुते इयार
इहाँ केहू केहू हो
करे दिलवा से प्यार
इहाँ केहू केहू हो

मिसिरी मलाई नियर लोग बतिआवेला
उपरा से फूल तरे मुसुकी लगावेला
मनवा में रखले बा बाकिर कटार-
इहाँ केहू केहू हो
करे दिलवा…इहाँ…

अपने गरज से इयारी करे दुनिया
माहुर मिलाई के खिआई देला बुनिया
हँसेला लोग फेरु खोतवा उजार-
इहाँ केहू केहू हो
करे दिलवा…इहाँ…

धन रही लगे बड़ी मिलिहें संघतिया
हाथ होई खाली उहे सुनिहें ना बतिया
पूछहु ना अइंहें भले जइबऽ सिधार-
इहाँ केहू केहू हो
करे दिलवा…इहाँ…

– आकाश महेशपुरी

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