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17 Nov 2022 · 1 min read

🦋🦋तुम रहनुमा बनो मेरे इश्क़ के🦋🦋

##वैधव्य##
तुम रहनुमा बनो मेरे इश्क़ के,
तुम रहनुमा बनो मेरे इश्क़ के,
जो बातें बीत गई,भुला दो तुम,
जो ख़त लिखे गए, यमुना में बहा दो तुम,
पेशगी की बात पर, हाज़िर हुए हम ही,
फिर क्यों न गाते हो गाने इश्क़ के,
तुम रहनुमा बनो मेरे इश्क़ के।।1।।
उम्मीद सब जलीं क्षार-क्षार हुई,
यादें जो जोड़ दी तुमसे तार-तार हुई,
मुक़ीम ग़र बनो तो तेरा संग दूँ,
फिर क्यों? न बनते हो, गवाह इश्क़ के,
तुम रहनुमा बनो मेरे इश्क़ के।।2।।
डूबी हुई नाव तो समझते नहीं हो,
मैंने कब?कहा कि तुम फरिश्ते नहीं हो,
तुम तो खुशी हो, नाशाद नहीं हो,
फिर क्यों? न जताते हो बहाने इश्क़ के
तुम रहनुमा बनो मेरे इश्क़ के।।3।।
तसल्ली की बात कर तंज मत दो,
जो रंगीन हुआ है, उस बेरंग मत दो,
आदमी जब चलेगा तो परछाईं भी चलेगी,
न साथ चलते हैं,ज़माने इश्क़ के,
तुम रहनुमा बनो मेरे इश्क़ के।।4।।

मुक़ीम-मुक़ाम पर पहुँचने वाला
पेशगी-एडवांस
नाशाद-कष्ट,दुःख

©®अभिषेक पाराशर

Language: Hindi
Tag: गीत
43 Views
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