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30 Nov 2022 · 1 min read

🦃🐧तुम्हें देखा तुम्हें चाहा अब तक🐧🦃

##मणिकर्णिका##
##बौनी, डेढ़ फुटिया, देखना क्या होगा##
##धीमी मौत##
##कौन बिछड़ेगा कब बिछड़ेगा##
##हे बौनी,बौना तू जहाँ मिली ज़मीन में धसा दूँगा##
##तेरी स्मृति ह्रास शुरू होगा अब##

तुम्हें देखा तुम्हें चाहा अब तक,
तुम्हें देखा तुम्हें चाहा अब तक,
हवाओं के रुख़ के संग तेरी बात की,
ख़्याल तो अपनी मौज़ में रहे,
राहें बहुत तंग नज़र आएँ,
किससे सुने और किससे कहें हम,
तुम्हारी हर नज़र पर शुक्राना दिया अब तक,
तुम्हें देखा तुम्हें चाहा अब तक।।1।।
इत्तेफ़ाक है वो नज़र से ओझल हुए,
देखते-देखते नयन भी बोझिल हुए,
जो कभी शुरू हुआ था सफ़र,
वो मंजिल तक पहुँचकर ख़त्म हुए,
उन्होंने नज़राना भी सोज़ का दिया अब तक,
तुम्हें देखा तुम्हें चाहा अब तक।।2।।
कोई मोड़ सी है जिन्दगी दुःख से भरी,
उसको सच कर दिखाया तुमने,
अहल तुमको ग़र यह दिल कहता,
तो ऐसी दुआ कब दी तुमने?
अपने किन लम्हों का हिसाब दिया अब तक,
तुम्हें देखा तुम्हें चाहा अब तक।।3।।
कोई दिक्कत नहीं, छिपकर मुस्कुराते रहो,
कोई मसला नहीं,मुँह छिपाते रहो,
आरजू की मानिद तुम सामने रहोगे,
कभी-कभी उल्फ़त की शम्मा ही लुटाते रहो,
क्या करते? तेरे लिए सर-ए-आम किया अब तक,
तुम्हें देखा तुम्हें चाहा अब तक।।4।।

मानिद-जैसे,की तरह
उल्फ़त-प्रेम शम्मा-कण
अहल-वासी, योग्य
©®अभिषेक:पाराशरः

Language: Hindi
Tag: गीत
44 Views
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