Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Nov 2023 · 1 min read

😊 लघुकथा :–

#लघुकथा :–
■ नई महाभारत वाला।
【प्रणय प्रभात】
भीषण “युद्ध में पराजित धृतराष्ट्र ने तय किया पांडवों के पास लौट कर सत्ता-सुख भोगना। अब टेंशन में
था बेचारा “संजय”।
आंख से अंधे, कान के कच्चे धृतराष्ट्र को लाइव कमेंट्री सुना-सुना कर गला और गाल सुजा चुका संजय आग्नेय दृष्टि से धृतराष्ट्र को देख रहा था।”
ऐसा करने की धृष्टता वह अपनी दिव्य-दृष्टि नहीं, बल्कि “कॉमन सेंस” की वजह से कर पा रहा था। उसे पूरा भरोसा था कि धृतराष्ट्र उसकी जलती-सुलगती आंखों को नहीं देख सकता। उन आंखों को, जिनके बूते वो अंधा होकर भी सब देखता रहा।
दूसरी ओर धृतराष्ट्र अपने निर्णय को लेकर पूरी तरह आश्वस्त था। उसे पता था कि संजय उसका तनखैया कर्मचारी है और उसकी हिम्मत नहीं कि वो उसकी सोच की राह में टांग अड़ा सकें। उस बेचारे को शायद पता नहीं था कि जो टांग नहीं अड़ा पाता, वो या तो फड़फड़ाता है या बड़बड़ाता अवश्य है। बिना बड़बड़, गड़बड़ किए रह जाए तो काहे का संजय…?
■प्रणय प्रभात■
●संपादक/न्यूज़&व्यूज़●
श्योपुर (मध्यप्रदेश)

1 Like · 9 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Follow our official WhatsApp Channel to get all the exciting updates about our writing competitions, latest published books, author interviews and much more, directly on your phone.
You may also like:
गरम समोसा खा रहा , पूरा हिंदुस्तान(कुंडलिया)
गरम समोसा खा रहा , पूरा हिंदुस्तान(कुंडलिया)
Ravi Prakash
प्रकाश पर्व
प्रकाश पर्व
Shashi kala vyas
💐प्रेम कौतुक-229💐
💐प्रेम कौतुक-229💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
है मुहब्बत का उनकी असर आज भी
है मुहब्बत का उनकी असर आज भी
Dr Archana Gupta
तू आ पास पहलू में मेरे।
तू आ पास पहलू में मेरे।
Taj Mohammad
मुझको सन्तुष्टि इसी में है
मुझको सन्तुष्टि इसी में है
gurudeenverma198
मेरा जो प्रश्न है उसका जवाब है कि नहीं।
मेरा जो प्रश्न है उसका जवाब है कि नहीं।
सत्य कुमार प्रेमी
जब दूसरो को आगे बड़ता देख
जब दूसरो को आगे बड़ता देख
Jay Dewangan
अस्तित्व की पहचान
अस्तित्व की पहचान
Kanchan Khanna
बलात्कार
बलात्कार
rkchaudhary2012
तुम अपने धुन पर नाचो
तुम अपने धुन पर नाचो
DrLakshman Jha Parimal
कोरा रंग
कोरा रंग
Manisha Manjari
विचार सरिता
विचार सरिता
Shyam Sundar Subramanian
कीमतों ने छुआ आसमान
कीमतों ने छुआ आसमान
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
कच्चे धागे का मूल्य
कच्चे धागे का मूल्य
Seema 'Tu hai na'
मंत्र: श्वेते वृषे समारुढा, श्वेतांबरा शुचि:। महागौरी शुभ दध
मंत्र: श्वेते वृषे समारुढा, श्वेतांबरा शुचि:। महागौरी शुभ दध
Harminder Kaur
ख़्वाब में जागती
ख़्वाब में जागती
Dr fauzia Naseem shad
- मर चुकी इंसानियत -
- मर चुकी इंसानियत -
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
अब समन्दर को सुखाना चाहते हैं लोग
अब समन्दर को सुखाना चाहते हैं लोग
Shivkumar Bilagrami
"सुहागन की अर्थी"
Sarthi chitrangini
23/50.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/50.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
✍️और शिद्दते बढ़ गयी है...
✍️और शिद्दते बढ़ गयी है...
'अशांत' शेखर
वो ख्वाबों में अब भी चमन ढूंढ़ते हैं।
वो ख्वाबों में अब भी चमन ढूंढ़ते हैं।
Phool gufran
तेरे संग ये जिंदगी बिताने का इरादा था।
तेरे संग ये जिंदगी बिताने का इरादा था।
Surinder blackpen
जब सूरज एक महीने आकाश में ठहर गया, चलना भूल गया! / Pawan Prajapati
जब सूरज एक महीने आकाश में ठहर गया, चलना भूल गया! / Pawan Prajapati
Dr MusafiR BaithA
राम दीन की शादी
राम दीन की शादी
Satish Srijan
क्या मागे माँ तुझसे हम, बिन मांगे सब पाया है
क्या मागे माँ तुझसे हम, बिन मांगे सब पाया है
Anil chobisa
Learn lesson and enjoy every moment, your past is just a cha
Learn lesson and enjoy every moment, your past is just a cha
Nupur Pathak
मुख पर तेज़ आँखों में ज्वाला
मुख पर तेज़ आँखों में ज्वाला
Rekha Drolia
(20) सजर #
(20) सजर #
Kishore Nigam
Loading...