Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Nov 2022 · 1 min read

🕊️🐧सब्र और कितना करूँ अब🐧🕊️

##डेढ़ फुटिया##
##नमूने कैसे मिल रहे हैं##

सब्र और कितना करूँ अब,
दुराव नहीं कोई छिपा है दिल में,
मधुर सा संगीत बजा है दिल में,
न तुमसे शिकवा न तुमसे शिकायत,
ग़र आए मिलने न कोई खता अब,
है न कोई बन्धन टूट गए सब,
सब्र और कितना करूँ अब।।1।।
मंजिल समझकर तुमसे था मिलना,
दिल के सब राज कहने थे, वरना,
अफ़सोस करते क्या?सबको है मरना,
है दाग,कोई मिलकर तो कहना,
है न कोई बन्धन टूट गए सब,
सब्र कितना करूँ अब।।2।।
बीमार कहकर शिफ़ा नहीं दी,
बजूद सिफ़र है न जिन्दगी दी,
बाकी नहीं कोई रहम का पर्दा,
तुम जो आओ तो सब कुछ कहेंगे,
है न कोई बन्धन टूट गए सब,
सब्र कितना करूँ अब।।3।।
हूँ राजदाँ,तुमसे छिपा कहाँ हूँ,
तेरी बेरुखी कैसे कैसे सहा हूँ,
मैं जो भी हूँ तेरी इल्तिज़ा हूँ,
तेरी आरजू पर ही मैं फना हूँ,
है न कोई बन्धन टूट गए सब,
सब्र कितना करूँ अब।।4।।

©®अभिषेक पाराशर

सब्र-सन्तोष, शिकवा-उलाहना,खता-अपराध,भूल
राजदाँ-राज को छिपाने वाला, इल्तिज़ा-निवेदन, गुजारिश, प्रार्थना
आरजू-विनती, शिफ़ा-औषधी

Language: Hindi
Tag: गीत
58 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.
You may also like:
⚘️महाशिवरात्रि मेरे लेख🌿
⚘️महाशिवरात्रि मेरे लेख🌿
Ms.Ankit Halke jha
मेंटल
मेंटल
सुशील कुमार सिंह "प्रभात"
वो पास आने लगी थी
वो पास आने लगी थी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
शिवकुमार बिलगरामी के बेहतरीन शे'र
शिवकुमार बिलगरामी के बेहतरीन शे'र
Shivkumar Bilagrami
ग़ज़ल _ मिरी #मैयत पे  रोने मे.....
ग़ज़ल _ मिरी #मैयत पे  रोने मे.....
शायर देव मेहरानियां
जलने वालों का कुछ हो नहीं सकता,
जलने वालों का कुछ हो नहीं सकता,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
मत याद करो बीते पल को
मत याद करो बीते पल को
Surya Barman
अवसर त मिलनक ,सम्भव नहिं भ सकत !
अवसर त मिलनक ,सम्भव नहिं भ सकत !
DrLakshman Jha Parimal
ये आसमां ये दूर तलक सेहरा
ये आसमां ये दूर तलक सेहरा
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
चली गई ‌अब ऋतु बसंती, लगी ग़ीष्म अब तपने
चली गई ‌अब ऋतु बसंती, लगी ग़ीष्म अब तपने
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हार मानूंगा नही।
हार मानूंगा नही।
Rj Anand Prajapati
■ समझ जाइए...
■ समझ जाइए...
*Author प्रणय प्रभात*
पत्ते बिखरे, टूटी डाली
पत्ते बिखरे, टूटी डाली
Arvind trivedi
सच सच बोलो
सच सच बोलो
सूर्यकांत द्विवेदी
*धन्य-धन्य वह जीवन जो, श्री राम-नाम भज जीता है 【मुक्तक】*
*धन्य-धन्य वह जीवन जो, श्री राम-नाम भज जीता है 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
"चुम्बन"
Dr. Kishan tandon kranti
अब तो आओ न
अब तो आओ न
Arti Bhadauria
भारत भूमि में पग पग घूमे ।
भारत भूमि में पग पग घूमे ।
Buddha Prakash
ऋतुराज वसंत
ऋतुराज वसंत
Raju Gajbhiye
💐प्रेम कौतुक-359💐
💐प्रेम कौतुक-359💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
शायरी
शायरी
goutam shaw
बुंदेली दोहा- जंट (मजबूत)
बुंदेली दोहा- जंट (मजबूत)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
नवसंवत्सर 2080 कि ज्योतिषीय विवेचना
नवसंवत्सर 2080 कि ज्योतिषीय विवेचना
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
***
*** " ओ मीत मेरे.....!!! " ***
VEDANTA PATEL
नाम है इनका, राजीव तरारा
नाम है इनका, राजीव तरारा
Dushyant Kumar
🙏माॅं सिद्धिदात्री🙏
🙏माॅं सिद्धिदात्री🙏
पंकज कुमार कर्ण
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
जीवन के रंगो संग घुल मिल जाए,
जीवन के रंगो संग घुल मिल जाए,
Shashi kala vyas
*Hey You*
*Hey You*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
खुद में बदलाव की एक तमन्ना करिए
खुद में बदलाव की एक तमन्ना करिए
Dr fauzia Naseem shad
Loading...