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22 Feb 2023 · 1 min read

💥आदमी भी जड़ की तरह 💥

💥आदमी भी जड़ की तरह 💥

जिंदगी पतझड़ की तरह ।
आदमी भी जड़ की तरह ।।

आज दुनिया अपनी कहाँ ।
यूं अलग सर धड़ की तरह ।।

हसरतें उड़ती आसमां ।
बस खुशी है छड़ की तरह ।।
कब भला करते मोहब्बत ।
जब बिछे दिल फड़ की तरह ।।
खून पीते खेदू जहाँ ।
बेलते पापड़ की तरह ।।
…….✍प्रो .खेदू भारती”सत्येश”
22-2-2023बुधवार

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