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22 Nov 2022 · 1 min read

💢✳️कभी हमारे नाम का ज़िक्र करना✳️💢

कभी हमारे नाम का ज़िक्र करना,
कभी हमारे नाम का ज़िक्र करना,
कोई उदासी की बात न थी,
न ही दिल में मलाल था,
मुझे देखकर मुँह छिपाने वाले,
तुझे मेरा सलाम था,
दूर से देखो और वहीं से फ़िक्र करना,
कभी हमारे नाम का जिक्र करना।।1।।
वाइस-ए-बरसात से बरसने के पूछो तुम,
गिरते हुए आँसू का सबब पूछो तुम,
मेरे बजूद का फैसला तुम न करो,
इन सब में छिपे दर्द की बात करो,
न कोई सुखद कलाम था,
दूर से देखो और वहीं से फ़िक्र करना,
कभी हमारे नाम का जिक्र करना।।2।।
बरबाद होने का न कोई सौदा किया,
पहले लब्ज़ भेजे फिर एतबार किया,
तुम ही ढूँढते रहे कमियों के हिसाब,
मैं तुम्हें चाहता रहा बे-हिसाब,
राहतों से भरा सच्चा पैगाम था,
दूर से देखो और वहीं से फ़िक्र करना,
कभी हमारे नाम का जिक्र करना।।3।।
मैं तो चलता रहा चलता रहूँगा,
कभी तेरी छाँव के तले आराम करूँगा,
किसी सर्द हवा के झोके से,
अपने इश्क़ को सर-ए-आम किया,
यह वाकई तेरा मेरा इनाम था,
दूर से देखो और वहीं से फ़िक्र करना,
कभी हमारे नाम का जिक्र करना।।4।।

©®अभिषेक पाराशरः

Language: Hindi
Tag: गीत
53 Views
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