Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Jan 2023 · 2 min read

💐💐उनके दिल में……………….💐💐

##मणिकर्णिका##
##मणिकर्णिका लिखना बन्द कर दूँ##
##दूँगा##
##बता Bonie##
##वृन्दावन लिखूँ,लिखूँगा##
##जानकारी कैसी मिलेगी इसकी रूपा##
##शब्द से ही हिंसा क्यों करूँ##
##कल कोई गीत नहीं पड़ा था##
##न कोई कमाल है और न हीं सोहबत ही है##
##हमारी तो बस रूपा ही अच्छी है ##
##बौनी, बौनी##
##इतना पढ़ा लिखा होने के बाबजूद कोई लिखे कि मैं बहुत जिद्दी हूँ##
##कितना दुःखद है,परिवर्तन करो##
##और हमें आज़ाद भी##

मिलकर बताते ही नहीं क्या शिक़ायत है?
उनके दिल में,
मिलकर बताते ही नहीं क्या शिक़ायत है?
उनके दिल में,
जन्नत सा सुकून मिला तुम्हें देखा,
सुखन भरी है जिन्दगी की रेखा,
कहना तो दूर देखते भी नहीं,
अब तो करने लगे हैं अनदेखा,
मिलकर बताते ही नहीं क्या इनायत है?
उनके दिल में,
मिलकर बताते ही नहीं क्या शिक़ायत है?
उनके दिल में।।1।।
तुम्हें देखना बहुत कम देखना है,
ठहरे रहो तुम्हें फिर देखना है,
कब कहा तुम हो नज़र का धोखा?
सुनो तुम्हें बन्द आँखों से देखना है,
सच कहूँ मेरी बहुत ही हिफाज़त है,
उनके दिल में,
मिलकर बताते ही नहीं क्या शिक़ायत है?
उनके दिल में।।2।।
मेरा इश्क़ महदूद है उनका,
मेरा दिल है,इसे मग़रूर है उनका,
पता नहीं वो क्यों ख़ामोश रहते हैं?
“मैं लुट चुका हूँ’ वो कहें मैं नहीं उनका,
क्या कोई कैसी भी हसीं अदावत है,
उनके दिल में,
मिलकर बताते ही नहीं क्या शिक़ायत है?
उनके दिल में।।3।।
मेहरबानी करो तमाशा न बनाओ,
दिल खुला है सादगी से आओ जाओ,
शफ़ीक़ बनो, नेक सी रहनुमाई करो,
मेरी जाँ मुस्तक़िल मुस्कुराओ,
साफ़गोई से कहा,कई बार कहा उन्होंने,
‘अभिषेक’ ही है उनके दिल में,
मिलकर बताते ही नहीं क्या शिक़ायत है?
उनके दिल में।।4।।

महदूद=घिरा हुआ, limited, मग़रूर=घमंड, उसके मय होना, अदावत=दुश्मनी,बैर शफ़ीक़=हमदर्द,अनुग्रह करने वाला, मुस्तक़िल=स्थाई, स्थिर

©®अभिषेक: पाराशरः’आनन्द’

Language: Hindi
Tag: गीत
32 Views
You may also like:
राह नहीं मंजिल नहीं बस अनजाना सफर है
राह नहीं मंजिल नहीं बस अनजाना सफर है
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
विकसित भारत का लक्ष्य India@2047 । अभिषेक श्रीवास्तव ‘शिवा’
विकसित भारत का लक्ष्य India@2047 । अभिषेक श्रीवास्तव ‘शिवा’
Abhishek Shrivastava "Shivaji"
तेरा नूर
तेरा नूर
Dr.S.P. Gautam
आजादी के दीवानों ने
आजादी के दीवानों ने
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मैं तो अकेली चलती चलूँगी ....
मैं तो अकेली चलती चलूँगी ....
डॉ.सीमा अग्रवाल
मानव जीवन में तर्पण का महत्व
मानव जीवन में तर्पण का महत्व
Santosh Shrivastava
अपने किसी पद का तू
अपने किसी पद का तू
gurudeenverma198
नूतन वर्ष की नई सुबह
नूतन वर्ष की नई सुबह
Kavita Chouhan
***
*** " ये दरारें क्यों.....? " ***
VEDANTA PATEL
Writing Challenge- भाग्य (Luck)
Writing Challenge- भाग्य (Luck)
Sahityapedia
~पिता~कविता~
~पिता~कविता~
Vijay kumar Pandey
निराशा एक आशा
निराशा एक आशा
डॉ. शिव लहरी
कोई पूछे की ग़म है क्या?
कोई पूछे की ग़म है क्या?
Ranjana Verma
कई शामें शामिल होकर लूटी हैं मेरी दुनियां /लवकुश यादव
कई शामें शामिल होकर लूटी हैं मेरी दुनियां /लवकुश यादव...
लवकुश यादव "अज़ल"
शायर हुआ हूं मैं
शायर हुआ हूं मैं
अभिषेक पाण्डेय ‘अभि’
फिर भी करना है संघर्ष !
फिर भी करना है संघर्ष !
जगदीश लववंशी
■ ये भी खूब रही....!!
■ ये भी खूब रही....!!
*Author प्रणय प्रभात*
शिव स्तुति
शिव स्तुति
मनोज कर्ण
पितृसत्ता का षड्यंत्र
पितृसत्ता का षड्यंत्र
Shekhar Chandra Mitra
🌴🌺तुम्हारे चेहरे पर कमल खिला देखा मैंने🌺🌴
🌴🌺तुम्हारे चेहरे पर कमल खिला देखा मैंने🌺🌴
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
"गणतंत्र दिवस"
पंकज कुमार कर्ण
कोई एहसास ज़िंदगी देता
कोई एहसास ज़िंदगी देता
Dr fauzia Naseem shad
इजाजत है अगर मुझे प्यार करने की
इजाजत है अगर मुझे प्यार करने की
Ram Krishan Rastogi
कुंडलिया छंद की विकास यात्रा
कुंडलिया छंद की विकास यात्रा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
बाबा भीमराव अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस
बाबा भीमराव अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस
Buddha Prakash
2229.
2229.
Khedu Bharti "Satyesh"
*टिकट की विकट समस्या (हास्य व्यंग्य)*
*टिकट की विकट समस्या (हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
दोहा
दोहा
Dr. Sunita Singh
क्युकी ..... जिंदगी है
क्युकी ..... जिंदगी है
Seema 'Tu hai na'
मानस तरंग कीर्तन वंदना शंकर भगवान
मानस तरंग कीर्तन वंदना शंकर भगवान
पागल दास जी महाराज
Loading...