Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Jan 2023 · 2 min read

💐💐आजा तेरी लिमिट बढ़ा दूँ💐💐

##मणिकर्णिका##
##नो चेलेंज असेप्टेड##
##Bonie, Bonie,Bonie##
##लिख के रहेंगे##
किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचाई गई,यदि किसी को ठेस पहुँचे,तो क्षमा प्रार्थी है।(रूपा को छोड़कर😂😂🤣😉)

आजा तेरी लिमिट बढ़ा दूँ,
आजा तेरी लिमिट बढ़ा दूँ,
दिखाई दे रही है पंखे की पँखडी,
तेरी आंख में गिर जाए आयरन की कंकडी,
ओहो पहनी है मेंहदी कलर की जैकेट,
बेचारी को खाना नहीं मिला है,
एडवाइस दूँ,खाले पारले की पैकेट,
किसी के कहने पर खिंचाया है फ़ोटो,
तेरा नाम नया रखा है क्या क्या क्या,टो टो,
इट इज सीमिंग दैट, रूपा ने चिलम लगाई है,
गारण्टी है, रूपा आज नहीं नहाई है,
सेल लगी है दिल्ली में, रिबेट दिला दूँ,
आजा तेरी लिमिट बढ़ा दूँ।।1।।
म्यूजिक सुनती है चुन्नी होले होले,
योर फुट सो डर्टी चल जल्दी धोले,
वैसे अब रूपा को देखना अपराध है,
इतना तो चलता है यह तो अपवाद है,
आए हाए,रूपा जानती है जन्नत की हकीकत,
कैसे पता किया था,कटाई थी कौन सी टिकट?
तुम्हारे बाबा मिले होंगे जन्नत में,
हाँ हाँ, चुन्ना ही मांगा था मैंने मन्नत में,
ज़्यादा मत स्माइल दो,कौन सी पी वाइन है,
न न बिना प्याज की ऑमलेट खाती है,पंडिताइन है,
तेरी बॉडी गड़बड़ है रिसेट करा दूँ,
आजा तेरी लिमिट बढ़ा दूँ।।2।।
हैप्पी हैप्पी रहा करो,बजबा लो बैंड सा,
बासठ लड़के घूम रहे हैं,तेरा बॉयफ्रेंड कौन सा,
पीछे खिड़की है या दरवाजा,
आए हाए चाय पी है मूड बना है ताज़ा ताज़ा,
कमरा महंगा नहीं है पर दूर लिया है,
अब तक कितना किराया पे किया है,
हमें क्या मतलब है,रूपा ही जाने,
फालतू में देगी मनोरोगी के ताने,
ज़्यादा उड़ना मत हाँ, ज़्यादा मत फेंकना,
रोटी जल जाती है, ज़्यादा मत सेकना,
कम,फ़ॉर यू न्यू इण्डिया गेट बना दूँ,
आजा तेरी लिमिट बढ़ा दूँ।।3।।
कहाँ को जाएगी, कर देना सब कैंसिल,
लिखना अच्छा हो तो लेना ट्राईमेक्स की पेंसिल,
नौकरी न मिल पाए तो दुकान खोल लेना,
चलो छोड़ो,नई बात बताऊँ, नोट प्रिंटिंग मशीन लेना,
अपने टाइटल की बैंक खोल लेना,
बच्चों को पढाना तुम ए बी सी डी,
बच्चों मुझे अम्मा न कहो, कहो मैडम या दीदी,
हाऊ मेनी योर बुक्स हैव यू सेल,
मुझे न बताना मेरा निकल जाएगा तेल,
कितना पैसा कमा लिया है अपनी किताबों से,
सही रुपया रखो,आई टी की रेड पड़ेगी,तेरे हिसाबों से,
पालेगी क्या तुझे काली कैट दिला दूँ?
आजा तेरी लिमिट बढ़ा दूँ।।4।।

©®अभिषेक: पाराशरः’आनन्द’

Language: Hindi
42 Views
You may also like:
आदिवासी -देविता
आदिवासी -देविता
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
यह आत्मा ही है जो अस्तित्व और ज्ञान का अनुभव करती है ना कि श
यह आत्मा ही है जो अस्तित्व और ज्ञान का अनुभव...
Ankit Halke jha
सब अपने नसीबों का
सब अपने नसीबों का
Dr fauzia Naseem shad
Break-up
Break-up
Aashutosh Rajpoot
मेरा यार आसमां के चांद की तरह है,
मेरा यार आसमां के चांद की तरह है,
Dushyant kumar Patel
तुमको ख़त में क्या लिखूं..?
तुमको ख़त में क्या लिखूं..?
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
DR. ARUN KUMAR SHASTRI
DR. ARUN KUMAR SHASTRI
DR ARUN KUMAR SHASTRI
"लक्ष्मण-रेखा"
Dr. Kishan tandon kranti
विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली 2023
विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली 2023
Shashi Dhar Kumar
माँ
माँ
ओंकार मिश्र
झूठी वाहवाही
झूठी वाहवाही
Shekhar Chandra Mitra
कुछ समझ लिया कीजै
कुछ समझ लिया कीजै
Dr. Sunita Singh
प्रेम की राख
प्रेम की राख
Buddha Prakash
अधूरा इश्क़
अधूरा इश्क़
Shyam Pandey
"काहे का स्नेह मिलन"
Dr Meenu Poonia
अजीब सूरते होती है
अजीब सूरते होती है
Surinder blackpen
डरता हुआ अँधेरा ?
डरता हुआ अँधेरा ?
DESH RAJ
"ख़्वाहिशें उतनी सी कीजे जो मुक़म्मल हो सकें।
*Author प्रणय प्रभात*
इक तुम्हारा ही तसव्वुर था।
इक तुम्हारा ही तसव्वुर था।
Taj Mohammad
चलो हमसफर यादों के शहर में
चलो हमसफर यादों के शहर में
गनेश रॉय " रावण "
पिता
पिता
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
हुनर पे शायरी
हुनर पे शायरी
Vijay kumar Pandey
दीपक
दीपक
MSW Sunil SainiCENA
ऐसी दीपावली मनाएँ..….
ऐसी दीपावली मनाएँ..….
Kavita Chouhan
💐प्रेम कौतुक-224💐
💐प्रेम कौतुक-224💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कहमुकरी
कहमुकरी
डॉ.सीमा अग्रवाल
*जाती सर्दी का करो, हर्गिज मत उपहास (कुंडलिया)*
*जाती सर्दी का करो, हर्गिज मत उपहास (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
आईना
आईना
Saraswati Bajpai
ऐसे इश्क निभाया हमने
ऐसे इश्क निभाया हमने
Anamika Singh
✍️जब रिक्त हथेलियाँ...
✍️जब रिक्त हथेलियाँ...
'अशांत' शेखर
Loading...