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3 Jan 2023 · 1 min read

💐क: अपि जन्म: ….💐

क: अपि जन्म: अभवत् तु अध्याय: प्रारम्भ: अभवत्।मृत्यु भवति तु अध्याय समाप्त: भवति।एतस्मिन् प्रसन्नं-अप्रसन्ने सति किं लाभ:।गीताया: अध्याय: पूर्णे सति किं दुःखी भवति।पूर्वे विद्यार्थी पठनस्य कृते परीक्षा ददाति स्म।अद्य परीक्षायाः कृते अध्ययनं भवति। भवतः लघुत्वे दया न करोति तु दीर्घेण दयायाः याचनाया: च भवन्तं अधिकार: न।ये न सेवन्ते।प्रत्युत् सेवां प्राप्त: कुर्वन्ति।एतस्य कृते समय: अनुकूल: न।सेवाकारस्य कृते तु बहु अनुकूल: समय आगच्छति।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द

Language: Sanskrit
42 Views
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