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4 Mar 2023 · 1 min read

🌹ओ साहिब जी,तुम मेरे दिल में जँचे हो🌹

##मणिकर्णिका##
##क्या चल रहा हैं।सब ख़ैरियत से हैं।
##कोई बात बाकी है क्या?
##देख लो।
##बहुत बड़ा इंतज़ार है।अभी भी।
##हमारा तो सब रखा रह गया।किससे कहें।
##कौन सुनेगा अब?
##गीत तो पड़ते रहेंगे,ये सब गीत 👇ही तो हैं।

ओ साहिब जी,तुम मेरे दिल में जँचे हो,
ओ साहिब जी,तुम मेरे दिल में जँचे हो,
देखूँ में तुमको चारों ओर,
रात कटती है जल्दी हो जाता भोर,
तीखे लगते हैं उनके नयन,
सपने में देखूँ जब कर लूँ शयन,
आधे आ गए आधे और बचे हो,
ओ साहिब जी,तुम मेरे दिल में जँचे हो।।1।।
जब ठहर गया है तुम्हारा साथ,
आओ चलो करें इक मुलाक़ात,
घर भी है बेघर हूँ मैं,
कभी माना उनसे दूर हूँ मैं,
सरमा क्यों गए बहुत अच्छे हो,
ओ साहिब जी,तुम मेरे दिल में जँचे हो।।2।।
बगवाँ हैं मेरे ज़िंदगी के,
उम्मीद जग जाती है उन्हें देखकर,
सब बचा है, सब खाली है,
सब भर गया है उन्हें दिल में समेटकर,
अभी मेरे मन में सजे हो,
ओ साहिब जी,तुम मेरे दिल में जँचे हो।।3।।
कोई घटा क्या कहें?
कोई दिशा क्या कहें?
उनकी हर बात पर इक नशा सा रहे,
आँखों से आँसू बिन बात बहे,
मेरे मन में सजे हो रचे हो,
ओ साहिब जी,तुम मेरे दिल में जँचे हो।।4।।
सतरंगिया लग रहे हो सनम,
कमाल का कमाल लग रहे हो सनम,
सारी गल मेनू जँचती हैं,
मेरी साँसे नाव सी चलती हैं,
सपने में मेरे संग संग नचे हो,
ओ साहिब जी,तुम मेरे दिल में जँचे हो।।5।।
©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
Tag: गीत
71 Views
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