Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Dec 2022 · 1 min read

💐असत् वस्तुनः त्यागेन अभिमानं न भवति💐

असत् वस्तुनः त्यागेन अभिमानं न भवति।यदि अभिमान भवति तु चिन्तयेत् एषां वस्तु असत् न मन्यते।परमात्माप्राप्तया: साधनेषु भक्तया: बहु महिमा।ज्ञानेन अपि अधिकं महिमा।ज्ञानेन पश्चात् प्रेमाभक्ति: भवति।भक्ति: आरम्भे अपि सुगम तथा अन्ते अपि श्रेष्ठ:।सुगमं इत्थं यत् स्व सम्बन्धस्य आभास: मनुष्ये स्वाभाविक: यत् एतौ मम माता च पिता च।,एते मम पुत्रा: आदयः।वास्तविकतायां भगवान् अस्माकं-‘मेरे तो गिरधर गोपाल,दूसरो न कोई’।’मीराबाई’इति सदृशा भगवन्तं पति मन्यते स्म।स्त्री पुरुष: वा सर्वेषां पति: भगवान्।यः पालनकर्ता च स्वामी च भवेतां एतं ‘पति: कथयति।

©®अभिषेक: पाराशरः

Language: Sanskrit
99 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
💐प्रेम कौतुक-562💐
💐प्रेम कौतुक-562💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
आँसू
आँसू
जगदीश लववंशी
उज्ज्वल भविष्य हैं
उज्ज्वल भविष्य हैं
Taran Verma
कौन पढ़ता है मेरी लम्बी -लम्बी लेखों को ?..कितनों ने तो अपनी
कौन पढ़ता है मेरी लम्बी -लम्बी लेखों को ?..कितनों ने तो अपनी
DrLakshman Jha Parimal
इश्क़ का कुछ अलग ही फितूर था हम पर,
इश्क़ का कुछ अलग ही फितूर था हम पर,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
*सीता (कुंडलिया)*
*सीता (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
मन बैठ मेरे पास पल भर,शांति से विश्राम कर
मन बैठ मेरे पास पल भर,शांति से विश्राम कर
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
ए जिंदगी ,,
ए जिंदगी ,,
श्याम सिंह बिष्ट
रात के अंधेरों से सीखा हूं मैं ।
रात के अंधेरों से सीखा हूं मैं ।
★ IPS KAMAL THAKUR ★
कुछ कमीने आज फ़ोन करके यह कह रहे चलो शाम को पार्टी करते हैं
कुछ कमीने आज फ़ोन करके यह कह रहे चलो शाम को पार्टी करते हैं
Anand Kumar
तू रुक ना पायेगा ।
तू रुक ना पायेगा ।
Buddha Prakash
" लक्ष्य सिर्फ परमात्मा ही हैं। "
Aryan Raj
तुम्हारे अवारा कुत्ते
तुम्हारे अवारा कुत्ते
Maroof aalam
बिन मौसम बरसात
बिन मौसम बरसात
लक्ष्मी सिंह
न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से,
न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से,
Vishal babu (vishu)
चुप रहना ही खाशियत है इस दौर की
चुप रहना ही खाशियत है इस दौर की
डॉ. दीपक मेवाती
उन वीर सपूतों को
उन वीर सपूतों को
gurudeenverma198
मास्टर जी: एक अनकही प्रेमकथा (प्रतिनिधि कहानी)
मास्टर जी: एक अनकही प्रेमकथा (प्रतिनिधि कहानी)
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मत याद करो बीते पल को
मत याद करो बीते पल को
Surya Barman
मुझे छेड़ो ना इस तरह
मुझे छेड़ो ना इस तरह
Basant Bhagwan Roy
जब चांद चमक रहा था मेरे घर के सामने
जब चांद चमक रहा था मेरे घर के सामने
shabina. Naaz
चाय पे चर्चा
चाय पे चर्चा
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
सहज है क्या _
सहज है क्या _
Aradhya Raj
"अगर आप किसी का
*Author प्रणय प्रभात*
Meri Jung Talwar se nahin hai
Meri Jung Talwar se nahin hai
Ankita Patel
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
कोई ज्यादा पीड़ित है तो कोई थोड़ा
कोई ज्यादा पीड़ित है तो कोई थोड़ा
Pt. Brajesh Kumar Nayak
हर शय¹ की अहमियत होती है अपनी-अपनी जगह
हर शय¹ की अहमियत होती है अपनी-अपनी जगह
_सुलेखा.
लफ़्ज़ों में ज़िंदगी को
लफ़्ज़ों में ज़िंदगी को
Dr fauzia Naseem shad
बर्दाश्त की हद
बर्दाश्त की हद
Shekhar Chandra Mitra
Loading...