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19 Feb 2023 · 1 min read

👉 ताज़ा ग़ज़ल :–

#ग़ज़ल
■ रोना मना है…
【प्रणय प्रभात】
★ दाग़ दिल पर हैं, मगर धोना मना है।
दर्द कितना हो, मगर रोना मना है।।

★ कर के सरगोशी, गया है एक पागल।
बीज बंजर में कोई, बोना मना है।।

★ नींद आएगी अगर, तो ख़्वाब होंगे।
बेक़लों की बज़्म में, सोना मना है।।

★ कहकहों की ख्वाहिशें, पूरी करो बस।
इस गली में ग़मज़दा, होना मना है।।

★ गुमशुदा का अर्थ है, गुमनाम होना।
भीड़ दुनिया की, यहाँ खोना मना है।।”

1 Like · 35 Views
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