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9 Jul 2022 · 1 min read

🌺🍀परिश्रम: प्रकृत्या सम्बन्धेन भवति🍀🌺

तत्त्वं अक्रियः।एतस्य चिंतनं न भवति-“यन्मनसा न मनुते”(केन०1/5)।एषः सम्पूर्णं क्रियानां आधारः।एषः “है’रूपेण सर्वत्र परिपूर्णं।एतस्य प्राप्तया: साधनं -आत्मीयता।
मनुष्य: पशु खगा: देवता राक्षस आदयः सर्वे बहि: वस्तूनि।अन्तः एकैव तत्व:।सर्वेषां स्थिति: एतस्मिन् तत्वे स्वतः सिद्ध:।एतस्मिन् ‘मौनं’ अभवेत्।परिश्रम: प्रकृत्या: सम्बन्धेन भवति।

©®अभिषेक:पाराशरः

Language: Sanskrit
1 Like · 89 Views
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