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9 Dec 2022 · 1 min read

🌸🌼जाने कितने सावन बीत गए हैं🌼🌸

##मणिकर्णिका##
##तेरे हिस्से में दुःख रहेगा, बौनी##
##बौना ठीक है##

जाने कितने सावन बीत गए हैं,
जाने कितने सावन बीत गए हैं,
खुदगर्जी की बातें उनकी,
मैं था कितना भोला भाला,
वो ठहरे सागर की बूँदे,
मैं ठहरा उनमें मतवाला,
जाने कितने आशिक़ लूटे गए हैं,
जाने कितने सावन बीत गए हैं।।1।।
वो ख़ुद से कहते हैं इन्साँ,
मैं न उनकी परछाई हूँ,
वो सच्चे मालूम पड़ते हैं,
मैं ही उनकी सच्चाई हूँ,
उनके संग के लम्हें बीत गए हैं,
जाने कितने सावन बीत गए हैं।।2।।
रिमझिम रिमझिम बरसातों के,
तेरे छिपे सब जज्बातों के,
मैं हरदम देखूँगा तुमको,
हर हिस्से में,तेरी बातों के,
वे वादे सब यूँ छूट गए हैं,
जाने कितने सावन बीत गए हैं।।3।।
ठोकर की आवाजें उठतीं,
उठती दिल की दीवारों से,
कह दूँ तुम्हें अनजाने हो तुम,
उठती दिल की झंकारों से,
वो हमसे अब दूर गए हैं,
जाने कितने सावन बीत गए हैं।।4।।

©®अभिषेक: पाराशरः

Language: Hindi
Tag: गीत
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