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27 Oct 2022 · 1 min read

🌴🌺तुम्हारे चेहरे पर कमल खिला देखा मैंने🌺🌴

तुम्हारे चेहरे पर कमल खिला देखा मैंने,
अपने दिल को धड़कने से रोका मैंने,
तुम खड़े थे पत्तों की ओट लिए,
हवा के झोकों से उड़ रहीं थी,
जुल्फें काली काली,
हर एक लब्ज़ को बड़ी उम्मीद से,कहा मैंने,
तुम्हारे चेहरे पर कमल खिला देखा मैंने।।1।।
फूल जो तेरे सिर से टकराया,
संभाला उसको,
साख जो हटाई थी रोब से तूने,
आँसू से सींचा उसको,
तुमसे हर दूरी को सहा मैंने,
तुम्हारे चेहरे पर कमल खिला देखा मैंने।।2।।
सिफ़त के बहाने मैं तुझमें ढूँढ़ता हूँ,
‘तू भी सोचे मुझे’यह सोचता हूँ,
तूने ग़र छोड़ा तो तुम बेईमान ही हो,
तुझसे जुड़कर जिया हर लम्हा मैंने,
तुम्हारे चेहरे पर कमल खिला देखा मैंने।।3।।
अँगारे तो नहीं हैं तेरी नजरों में,
अलहदा कोई कहानी नहीं है तेरी नजरों में,
कभी गाना तुम मुझे तरन्नुम कहकर,
तुझे अपनी आँखों से सुना मैंने,
तुम्हारे चेहरे पर कमल खिला देखा मैंने।।4।।

©®अभिषेक पाराशर

हे रूपा!
तुमसे क्या उम्मीद करें,ना उम्मीद हो तुम,
महताब होकर भी,ना महताब^ हो तुम,
उस ईश्वर ने दो क्या, चार आँखे दी हैं,
इश्क़ के तूफ़ाँ के बाद बचे वीरान हो तुम।।
^चाँदनी, चंद्रिका
यहाँ तो पार्टी बुक हो जाएगी।देख लेना।तुमसे कुछ न होगा।

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 64 Views
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