Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#24 Trending Author

✍️जमाना नहीं रहा…✍️

✍️जमाना नहीं रहा…✍️
……………………………………………//
साथ किसीके दर्द खुशियाँ
बाटने का जमाना नहीं रहा ।

डाकियों के हाथ से खत
पहुँचाने का जमाना नहीं रहा ।

समझौते की यहाँ जिंदगी
समझने का जमाना नहीं रहा ।

मेरा मैं तेरा तू सिर्फ खुदगर्ज़ी
अपनाने का जमाना नहीं रहा ।

चंद उलझने है रिश्तों की…
सुलझाने का जमाना नहीं रहा ।

आँखे देखती उजड़े मकानो को…
संवारने का जमाना नहीं रहा।

रूठकर दूर चले जाये कोई…
मनाने का जमाना नहीं रहा।

दिल से दिल के कितने फासले,
मिटाने का जमाना नहीं रहा ।

अब वो मैक़दे में खड़े ही पीते है
बैठने का जमाना नहीं रहा।
…………………………………………//
✍️”अशांत”शेखर✍️
17/06/2022

3 Likes · 4 Comments · 74 Views
You may also like:
✍️दो आँखे एक तन्हा ख़्वाब✍️
'अशांत' शेखर
मेरी बेटियाँ
लक्ष्मी सिंह
हमको जो समझे हमीं सा ।
Dr fauzia Naseem shad
फेसबुक की दुनिया
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
हिन्दू साम्राज्य दिवस
jaswant Lakhara
साथ तुम्हारा
Rashmi Sanjay
झूला सजा दो
Buddha Prakash
दिल हमारा।
Taj Mohammad
हमने प्यार को छोड़ दिया है
VINOD KUMAR CHAUHAN
तू है तेरे अन्दर।
Taj Mohammad
जो चाहे कर सकता है
Alok kumar Mishra
दोस्त हो तो ऐसा
Anamika Singh
अश्रुपात्र ... A glass of tears भाग- 2 और 3
Dr. Meenakshi Sharma
Heart Wishes For The Wave.
Manisha Manjari
ज़िक्र तेरा
Dr fauzia Naseem shad
मेरे जज्बात
Anamika Singh
बुद्ध पूर्णिमा पर मेरे मन के उदगार
Ram Krishan Rastogi
सूरज का ताप
सतीश मिश्र "अचूक"
पुस्तक
AMRESH KUMAR VERMA
वेदना जब विरह की...
अश्क चिरैयाकोटी
आपकी स्वतन्त्रता
Dr fauzia Naseem shad
कितने रूप तुम्हारे देखे
Shivkumar Bilagrami
कभी सोचा ना था मैंने मोहब्बत में ये मंजर भी...
Krishan Singh
पर्यावरण
सूर्यकांत द्विवेदी
बदरी
सूर्यकांत द्विवेदी
टेढ़ी-मेढ़ी जलेबी
Buddha Prakash
"शादी की वर्षगांठ"
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
गर बुरा लगता हूं।
Taj Mohammad
नैन अपने
Dr fauzia Naseem shad
महिलाओं वाली खुशी "
Dr Meenu Poonia
Loading...