Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Jul 2022 · 1 min read

✍️चीरफाड़✍️

✍️चीरफाड़✍️
……………………………………………………//
मेरे रूह को उन्होंने चीरफाड़ के देखा
जिगर तो मिला दिल कही नहीं मिला
……………………………………………………//
✍️”अशांत”शेखर✍️
05/07/2022

2 Likes · 2 Comments · 64 Views
You may also like:
पिता
Manisha Manjari
हैं पिता, जिनकी धरा पर, पुत्र वह, धनवान जग में।।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
मैं तो सड़क हूँ,...
मनोज कर्ण
कुछ पंक्तियाँ
आकांक्षा राय
पिता के रिश्ते में फर्क होता है।
Taj Mohammad
जिम्मेदारी और पिता
Dr. Kishan Karigar
उफ ! ये गर्मी, हाय ! गर्मी / (गर्मी का...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता की नियति
Prabhudayal Raniwal
ठोकर खाया हूँ
Anamika Singh
हो मन में लगन
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
पापा जी
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
हमारी सभ्यता
Anamika Singh
तीन किताबें
Buddha Prakash
पिता का पता
श्री रमण 'श्रीपद्'
ख़्वाहिशें बे'लिबास थी
Dr fauzia Naseem shad
पिता हिमालय है
जगदीश शर्मा सहज
टेढ़ी-मेढ़ी जलेबी
Buddha Prakash
✍️ईश्वर का साथ ✍️
Vaishnavi Gupta
कशमकश
Anamika Singh
गिरधर तुम आओ
शेख़ जाफ़र खान
होती हैं अंतहीन
Dr fauzia Naseem shad
पिता
लक्ष्मी सिंह
जय जगजननी ! मातु भवानी(भगवती गीत)
मनोज कर्ण
पीयूष छंद-पिताजी का योगदान
asha0963
गरम हुई तासीर दही की / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
बंदर भैया
Buddha Prakash
!¡! बेखबर इंसान !¡!
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
जाने कैसा दिन लेकर यह आया है परिवर्तन
आकाश महेशपुरी
सिद्धार्थ से वह 'बुद्ध' बने...
Buddha Prakash
पिता का दर्द
Nitu Sah
Loading...