Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

✍️इश्क़ और जिंदगी✍️

✍️इश्क़ और जिंदगी✍️
…………………………………………………//
इश्क़ और जिंदगी दोनों ही मुश्किल है
मैक़दे में यार सजाये वो ही महफ़िल है
…………………………………………………//
©✍️”अशांत”शेखर✍️
01/08/2022

2 Likes · 4 Comments · 99 Views
You may also like:
पिता
Neha Sharma
बँटवारे का दर्द
मनोज कर्ण
"अष्टांग योग"
पंकज कुमार कर्ण
"कल्पनाओं का बादल"
Ajit Kumar "Karn"
बुढ़ापे में अभी भी मजे लेता हूं
Ram Krishan Rastogi
बुद्ध या बुद्धू
Priya Maithil
ख़्वाब आंखों के
Dr fauzia Naseem shad
रोटी संग मरते देखा
शेख़ जाफ़र खान
माँ की परिभाषा मैं दूँ कैसे?
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
गरम हुई तासीर दही की / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
आइना हूं मैं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
छीन लिए है जब हक़ सारे तुमने
Ram Krishan Rastogi
नए-नए हैं गाँधी / (श्रद्धांजलि नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
✍️कैसे मान लुँ ✍️
Vaishnavi Gupta
पापा क्यूँ कर दिया पराया??
Sweety Singhal
ये शिक्षामित्र है भाई कि इसमें जान थोड़ी है
आकाश महेशपुरी
बरसात
मनोज कर्ण
पितृ स्तुति
दुष्यन्त 'बाबा'
पिताजी
विनोद शर्मा सागर
Life through the window during lockdown
ASHISH KUMAR SINGH
ख़्वाब सारे तो
Dr fauzia Naseem shad
तुम ना आए....
डॉ.सीमा अग्रवाल
बुन रही सपने रसीले / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
*जय हिंदी* ⭐⭐⭐
पंकज कुमार कर्ण
"समय का पहिया"
Ajit Kumar "Karn"
सुन्दर घर
Buddha Prakash
सही गलत का
Dr fauzia Naseem shad
इंसानियत का एहसास भी
Dr fauzia Naseem shad
शरद ऋतु ( प्रकृति चित्रण)
Vishnu Prasad 'panchotiya'
तीन किताबें
Buddha Prakash
Loading...