Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#8 Trending Author
May 22, 2022 · 1 min read

☆☆ प्यार का अनमोल मोती ☆☆

मेरे मनमें छुपा हैं एक अनमोल मोती
तूम ढूढ़ सको तो ढूंढो न वो मोती…!
हैं चमक सोनेरी जैसे चमके हैं रत्न मोती,
नयन को नयनों से मिलाकर
बना लो तुम जीवन मोती…!
हैं ये तो हसीन ज़रिया
जिससे ढूढ़ लोंगे तुम वो मोती..!
आगाह करेंगी मन की प्रज्जवलित ज्योति
कहां हैं छुपा वो मोती…!!
दिल को दिल से मिलाकर बना ले हमझोली
मिल जाएँगा वो मोती…!
हैं पवित्र और… बड़ा ही उज्जवल
प्यार मोहब्बत का वो मोती…!!
आंतरिक भाव हैं बड़ा ही प्रभावशाली…
वो… करेंगा बाह्य भाव को ऊजागर,
तब… तुम पहचान लेना वो मोती…!!
रखा हैं लाजों से संभालकर…
कहीं फ़िसल न जाये…..
पाक रिश्तों का प्यारा मोती…!!
बस सिर्फ और…. सिर्फ़… तेरे लिए ही…
फ़ैलाता हैं अपनी चमक का वो…
अद्भुत नजारा, जो कहलाता हैं…..
प्रेम रूपी चाहतों का अनमोल मोती ….!!!!!

1 Like · 4 Comments · 67 Views
You may also like:
कभी सोचा ना था मैंने मोहब्बत में ये मंजर भी...
Krishan Singh
पिता
Vandana Namdev
हो रही है
सिद्धार्थ गोरखपुरी
फ़ालतू बात यही है
gurudeenverma198
पापा क्यूँ कर दिया पराया??
Sweety Singhal
इन्तज़ार का दर्द
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
शृंगार छंद और विधाएं
Subhash Singhai
पिता की याद
Meenakshi Nagar
चमचागिरी
सूर्यकांत द्विवेदी
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग४]
Anamika Singh
दिल का मोल
Vikas Sharma'Shivaaya'
मां जैसा कोई ना।
Taj Mohammad
युवकों का निर्माण चाहिए
Pt. Brajesh Kumar Nayak
प्रकृति और कोरोना की कहानी मेरी जुबानी
Anamika Singh
प्रेम का आँगन
मनोज कर्ण
जाने कहां वो दिन गए फसलें बहार के
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
बस तेरे लिए है
bhandari lokesh
💐💐प्रेम की राह पर-21💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
माँ
सूर्यकांत द्विवेदी
धरती की अंगड़ाई
श्री रमण
इश्क
goutam shaw
चल अकेला
Vikas Sharma'Shivaaya'
गम आ मिले।
Taj Mohammad
अति का अंत
AMRESH KUMAR VERMA
पहाड़ों की रानी
Shailendra Aseem
पिता का दर्द
Nitu Sah
ऐसा मैं सोचता हूँ
gurudeenverma198
मौसम
AMRESH KUMAR VERMA
मुक्तक: युद्ध को विराम दो.!
Prabhudayal Raniwal
मन की मुराद
मनोज कर्ण
Loading...