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9 Mar 2023 · 1 min read

■ नीतिगत सच…

#दोहा
■ नीतिगत सच…
न एकाकी का कोई हो सकता है, न एकाकी किसी का। ऐसे लोगों को असामाजिक तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन सामाजिक भी नहीं माना जा सकता।
【प्रणय प्रभात】

1 Like · 72 Views
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