Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Dec 2022 · 1 min read

ਪਰਹੇਜ਼ ਕਰਨਾ ਸੀ

ਪ੍ਰਹੇਜ਼ ਕਰਨਾ ਸੀ ਮਾੜਾ ਬੋਲਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ।
ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਸਿਰਫ ਕੱਪੜੇ ਦੇਖ ਤੋਲਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ।

ਲਾਲ ਗੋਦੜੀਆਂ ਵਿਚ ਹੀ ਲੁਕੇ ਹੁੰਦੇ ਨੇ
ਫਲਾਂ ਵਾਲੇ ਰੁੱਖ ਅਕਸਰ ਝੁਕੇ ਹੁੰਦੇ ਨੇ।

ਚਿੱਟੇ ਕੱਪੜਿਆਂ ਵਿੱਚ ਮੈਲੇ ਕਿਰਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਨੇ।
ਗੰਦੀ ਸੋਚ ਵਾਲੇ ਜ਼ਹਿਨੀ ਬੀਮਾਰ ਹੁੰਦੇ ਨੇ।

ਹਰ ਝੁਕਣ ਵਾਲਾ ਬਸ਼ਰ ਕਦੇ ਕਮਜ਼ੋਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ।
ਰਿਸ਼ਤੇ ਸਾਂਭਣ ਵਾਲਾ ਕਦੇ ਮੂੰਹਜ਼ੋਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ।

ਇਕ ਚੁੱਪ ਕਈ ਸਵਾਲਾਂ ਨੂੰ ਮੁਕਾ ਦਿੰਦੀ ਏ
ਇਕ ਮੁਸਕਾਨ ਕਈ ਹੰਝੂ ਲੁਕਾ ਦਿੰਦੀ ਏ।

ਸੁਰਿੰਦਰ ਕੋਰ

Language: Punjabi
1 Like · 189 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Surinder blackpen
View all
You may also like:
जेठ कि भरी दोपहरी
जेठ कि भरी दोपहरी
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी
जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी
ruby kumari
सिकन्दर बन कर क्या करना
सिकन्दर बन कर क्या करना
Satish Srijan
*दादी बाबा पोता पोती, मिलकर घर कहलाता है (हिंदी गजल)*
*दादी बाबा पोता पोती, मिलकर घर कहलाता है (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
चौपई /जयकारी छंद
चौपई /जयकारी छंद
Subhash Singhai
फितरत
फितरत
Kanchan Khanna
राह मुश्किल हो चाहे आसां हो
राह मुश्किल हो चाहे आसां हो
Shweta Soni
😢विडम्बना😢
😢विडम्बना😢
*प्रणय प्रभात*
पर्वत दे जाते हैं
पर्वत दे जाते हैं
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
सारा सिस्टम गलत है
सारा सिस्टम गलत है
Dr. Pradeep Kumar Sharma
माँ तुम सचमुच माँ सी हो
माँ तुम सचमुच माँ सी हो
Manju Singh
वो लिखती है मुझ पर शेरों- शायरियाँ
वो लिखती है मुझ पर शेरों- शायरियाँ
Madhuyanka Raj
प्रकृति पर कविता
प्रकृति पर कविता
कवि अनिल कुमार पँचोली
वक्त सबको पहचानने की काबिलियत देता है,
वक्त सबको पहचानने की काबिलियत देता है,
Jogendar singh
कबीरा यह मूर्दों का गांव
कबीरा यह मूर्दों का गांव
Shekhar Chandra Mitra
इन गज़लों का हुनर, तेरी आंखों की गुफ़्तुगू
इन गज़लों का हुनर, तेरी आंखों की गुफ़्तुगू
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
तेरी मधुर यादें
तेरी मधुर यादें
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
कहा था जिसे अपना दुश्मन सभी ने
कहा था जिसे अपना दुश्मन सभी ने
Johnny Ahmed 'क़ैस'
Stop chasing people who are fine with losing you.
Stop chasing people who are fine with losing you.
पूर्वार्थ
हम भी अपनी नज़र में
हम भी अपनी नज़र में
Dr fauzia Naseem shad
कड़वा सच
कड़वा सच
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
गिरगिट रंग बदलने लगे हैं
गिरगिट रंग बदलने लगे हैं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
शीर्षक - सोच और उम्र
शीर्षक - सोच और उम्र
Neeraj Agarwal
भभक
भभक
Dr.Archannaa Mishraa
कोई मंझधार में पड़ा है
कोई मंझधार में पड़ा है
VINOD CHAUHAN
रक्षा बन्धन पर्व ये,
रक्षा बन्धन पर्व ये,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
2755. *पूर्णिका*
2755. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
शक
शक
Paras Nath Jha
कोयल (बाल कविता)
कोयल (बाल कविता)
नाथ सोनांचली
यदि कोई आपके मैसेज को सीन करके उसका प्रत्युत्तर न दे तो आपको
यदि कोई आपके मैसेज को सीन करके उसका प्रत्युत्तर न दे तो आपको
Rj Anand Prajapati
Loading...