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24 Nov 2023 · 1 min read

প্রশ্ন – অর্ঘ্যদীপ চক্রবর্তী

ঘড়ি বলে আমি বন্ধ হয়ে গেলেও কি সময় থেমে থাকে?

মেঘ বলে আমি বৃষ্টি হয়ে ঝরে পড়ি মানে কি আর কখনও মেঘ হই না?

সূর্য বলে আমি পূর্বে উঠে পশ্চিমে অস্ত যাই মানে কি আমি পৃথিবীর চারপাশে ঘুরি?

চাঁদ বলে আমি পৃথিবীকে আলো দিই মানে কি নিজে আলো সৃষ্টি করতে পারি?

আকাশ বলে তারা রাতে জ্বলে মানে কি
দিনে নিভে যায়?

সবাই বলে ভগবানকে দেখা যায় না মানে কি ভগবান নেই?

— অর্ঘ্যদীপ চক্রবর্তী
২৩/১১/২০২৩

1 Like · 176 Views
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