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28 Apr 2020 · 1 min read

ज़िन्दगी एक सफ़र में गुज़र जाती है

ज़िन्दगी एक सफ़र में गुज़र जाती है
मन्ज़िल अंत तक अधूरी रह जाती है
कोई खड़ा इंतेज़ार करता रहता है
चोरी से आकर मौत गले लगाकर चले जाती है
भूपेंद्र रावत
27।04।2020

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
4 Likes · 135 Views

Books from Bhupendra Rawat

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