Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jun 20, 2022 · 1 min read

ग़ज़ल

छप गये अख़बार में और टीवियों में आ गये
हम तो तुमसे इश्क करके सुर्ख़ियों में आ गये

ख़्वाब से निकले थे तुम जब नींद से जागे थे हम
और यादों के बहाने हिचकियों में आ गये

क्या ख़बर थी बंद हो जाएँगे इनकी कैद में
हम भी भोले थे तुम्हारी कनखियों में आ गये

जब तुम्हारे गाँव से आती हवा ने तन छुआ
सच कहें हमको पसीने सर्दियों में आ गये

उड़ के जाओगे कहाँ बोलो हमें यूँ छोड़ कर
अब तुम्हारे पर हमारी मुट्ठियों में आ गये

एक मुद्दत बाद यूँ ही खोलकर पढ़ने लगे
बनके खुशबू तुम पुरानी चिट्ठियों में आ गये

तुम हमारे दिल में बसते थे कभी बनकर खुशी
बन के अब आँसू हमारी सिसकियों में आ गये

टूट कर ये भी गिरेंगी शाख़ से जैसे कि हम
अब हमारे रंग पीली पत्तियों में आ गये

‘सदी के मशहूर ग़ज़लकार’ में प्रकाशित
✍🏻जितेन्द्र कुमार ‘नूर’
आज़मगढ़

3 Likes · 6 Comments · 199 Views
You may also like:
ये जिंदगी एक उलझी पहेली
VINOD KUMAR CHAUHAN
सरल हो बैठे
AADYA PRODUCTION
रक्षा के पावन बंधन का, अमर प्रेम त्यौहार
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
फ़रेब-ए-'इश्क़
Aditya Prakash
*जल महादेव मैं तुम्हें चढ़ाने आया हूॅं (भक्ति गीत)*
Ravi Prakash
पिता
अवध किशोर 'अवधू'
जो खुद ही टूटा वो क्या मुराद देगा मुझको
Krishan Singh
जिन्दगी में होता करार है।
Taj Mohammad
ईश्वर की परछाई
AMRESH KUMAR VERMA
हर रास्ते की अपनी इक मंजिल होती है।
Taj Mohammad
पितृ स्वरूपा,हे विधाता..!
मनोज कर्ण
*पुस्तक समीक्षा*
Ravi Prakash
स्वर कोकिला
AMRESH KUMAR VERMA
भक्त कवि स्वर्गीय श्री रविदेव_रामायणी*
Ravi Prakash
गीत की लय...
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
✍️अपने शामिल कितने..!✍️
'अशांत' शेखर
बदरिया
Dhirendra Panchal
✍️अज़ीब इत्तेफ़ाक है✍️
'अशांत' शेखर
शिखर छुऊंगा एक दिन
AMRESH KUMAR VERMA
नन्हें फूलों की नादानियाँ
DESH RAJ
सजा मिली है।
Taj Mohammad
पापा की परी...
Sapna K S
✍️मन की बात✍️
'अशांत' शेखर
कर्म ही पूजा है।
Anamika Singh
* फितरत *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कारण के आगे कारण
सूर्यकांत द्विवेदी
जी हाँ, मैं
gurudeenverma198
✍️"अग्निपथ-३"...!✍️
'अशांत' शेखर
हैप्पी फादर्स डे (लघुकथा)
drpranavds
ये जी चाहता है।
Taj Mohammad
Loading...