Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Sep 22, 2016 · 1 min read

ग़ज़ल

वक्त आया महज़ फैसला चाहिए
दुश्मनों से नहीं आँकड़ा चाहिए |

घर में घुस कर पढ़ाना सबक लाज़मी
लात के भूत को इंदिरा चाहिए |

क्रोध को रोकना अब नहीं, फटने दो
वीर हो धूर्त को मारना चाहिए |

धूर्त है पाक दल चौकसी से लड़ो
एक सर बदले दश काटना चाहिए |

नाश कर शत्रु दल अम्बिका पुत्र तुम
सिंह जस युद्ध में गर्जना चाहिए |

ध्यान दो मंत्री गण शक्ति दो सेना को
पाक को युद्ध में हारना चाहिए |

© कालीपद ‘प्रसाद’

140 Views
You may also like:
दिलदार आना बाकी है
Jatashankar Prajapati
My Expressions
Shyam Sundar Subramanian
दुलहिन परिक्रमा
मनोज कर्ण
दर्द भरे गीत
Dr.sima
स्पर्धा भरी हयात
AMRESH KUMAR VERMA
【12】 **" तितली की उड़ान "**
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
तुम हो फरेब ए दिल।
Taj Mohammad
बचपन की यादें
AMRESH KUMAR VERMA
मेरे गाँव में होने लगा है शामिल थोड़ा शहर [प्रथम...
AJAY AMITABH SUMAN
प्रयास
Dr.sima
ईद की दिली मुबारक बाद
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
धन्य है पिता
Anil Kumar
कारवाँ:श्री दयानंद गुप्त समग्र
Ravi Prakash
तिरंगा मेरी जान
AMRESH KUMAR VERMA
-:फूल:-
VINOD KUMAR CHAUHAN
पिता
Ray's Gupta
बांस का चावल
सिद्धार्थ गोरखपुरी
युवकों का निर्माण चाहिए
Pt. Brajesh Kumar Nayak
जिंदगी: एक संघर्ष
Aditya Prakash
फ़नकार समझते हैं Ghazal by Vinit Singh Shayar
Vinit Singh
भगवान परशुराम
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मानव स्वरूपे ईश्वर का अवतार " पिता "  
Dr. Alpa H. Amin
हरिगीतिका
शेख़ जाफ़र खान
Touching The Hot Flames
Manisha Manjari
हे राम! तुम लौट आओ ना,,!
ओनिका सेतिया 'अनु '
सुंदर सृष्टि है पिता।
Taj Mohammad
अप्सरा
Nafa writer
पितृ स्तुति
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
मैं बहती गंगा बन जाऊंगी।
Taj Mohammad
* बेकस मौजू *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...