ग़ज़ल- हमें भी तो खज़ाने का ज़खीरा मिल गया होता

ग़ज़ल- हमें भी तो खज़ाने का ज़खीरा मिल गया होता
★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
हमें भी तो खज़ाने का ज़खीरा मिल गया होता
अगर जो बेईमानी का किया कुछ हौसला होता

वो मेरा हमसफर शायद नहीँ ऐसे खफा होता
कि होता पास जो पैसा नया ही सिलसिला होता

ग़रीबी के वजह से दब गई है जिन्दगी मेरी
ये वरना कामयाबी से न इतना फासला होता

अगर जिन्दा रहें अच्छा, मरें तो भी न हो मुश्किल
कि मुश्किल है, नहीं जब जिन्दगी का फैसला होता

सितमगर है मगर फिर भी मेरी यादों में रहता है
वो दिल को चोट देकर भी नहीं दिल से जुदा होता

हमारी जिन्दगी शायद नया रुख दे भी सकती थी
अगर ‘आकाश’ मुझको भी कोई तुमसा मिला होता

– आकाश महेशपुरी

1 Like · 289 Views
You may also like:
कांटों पर उगना सीखो
VINOD KUMAR CHAUHAN
हनुमान जयंती पर कुछ मुक्तक
Ram Krishan Rastogi
समंदर की चेतावनी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
प्रेरक संस्मरण
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बेजुबां जीव
Jyoti Khari
कर्म
Rakesh Pathak Kathara
पिता के होते कितने ही रूप।
Taj Mohammad
दोस्त जीवन में एक सच्चा दोस्त ज़रूर कमाना….
Piyush Goel
खिला प्रसून।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
रे बाबा कितना मुश्किल है गाड़ी चलाना
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
'सती'
Godambari Negi
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
दादी की कहानी
दुष्यन्त 'बाबा'
समय के पंखों में कितनी विचित्रता समायी है।
Manisha Manjari
मुझे चाहत हैं तेरी.....
Dr. Alpa H.
यूं हुस्न की नुमाइश ना करो।
Taj Mohammad
मज़हबी उन्मादी आग
Dr. Kishan Karigar
विरह वेदना जब लगी मुझे सताने
Ram Krishan Rastogi
🌺प्रेम की राह पर-45🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
** दर्द की दास्तान **
Dr. Alpa H.
जंगल में कवि सम्मेलन
मनोज कर्ण
*मन या तन *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अब कोई कुरबत नहीं
Dr. Sunita Singh
अपने मन की मान
जगदीश लववंशी
महंगाई के दोहे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
رہنما مل گیا
अरशद रसूल /Arshad Rasool
प्रकृति का अंदाज.....
Dr. Alpa H.
दुर्योधन कब मिट पाया:भाग:35
AJAY AMITABH SUMAN
चार काँधे हों मयस्सर......
अश्क चिरैयाकोटी
सजना शीतल छांव हैं सजनी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...