ग़ज़ल ( क्या जज्बात की कीमत चंद महीने के लिए है )

दर्द को अपने से कभी रुखसत ना कीजिये
क्योंकि दर्द का सहारा तो जीने के लिए है

पी करके मर्जे इश्क़ में बहका ना कीजिये
ख़ामोशी की मदिरा तो सिर्फ पीने के लिए है

फूल से अलगाब की खुशबु ना लीजिये
क्या प्यार की चर्चा केबल मदीने के लिए है

टूटे हैं दिल , टूटा भरम और ख्बाब भी टूटे हुये
क्या ये सारी चीज़े उम्र भर सीने के लिए हैं

वक़्त के दरिया में क्यों प्यार के सपनें वहे
क्या जज्बात की कीमत चंद महीने के लिए है

ग़ज़ल ( क्या जज्बात की कीमत चंद महीने के लिए है )
मदन मोहन सक्सेना

1 Comment · 139 Views
You may also like:
लाल टोपी
मनोज कर्ण
बरसात की छतरी
Buddha Prakash
किसको बुरा कहें यहाँ अच्छा किसे कहें
Dr Archana Gupta
*स्मृति डॉ. उर्मिलेश*
Ravi Prakash
*•* रचा है जो परमेश्वर तुझको *•*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
वर्तमान परिवेश और बच्चों का भविष्य
Mahender Singh Hans
*साधुता और सद्भाव के पर्याय श्री निर्भय सरन गुप्ता :...
Ravi Prakash
ये नारी है नारी।
Taj Mohammad
विसाले यार
Taj Mohammad
🌺प्रेम की राह पर-52🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
अँधेरा बन के बैठा है
आकाश महेशपुरी
An Oasis And My Savior
Manisha Manjari
मां का आंचल
VINOD KUMAR CHAUHAN
प्रार्थना
Anamika Singh
और कितना धैर्य धरू
Anamika Singh
नींबू की चाह
Ram Krishan Rastogi
सोचता रहता है वह
gurudeenverma198
परीक्षा को समझो उत्सव समान
ओनिका सेतिया 'अनु '
वो दिन भी बहुत खूबसूरत थे
Krishan Singh
दर्द।
Taj Mohammad
उस दिन
Alok Saxena
उम्मीदों के परिन्दे
Alok Saxena
रोग ने कितना अकेला कर दिया
Dr Archana Gupta
बगिया जोखीराम में श्री चंद्र सतगुरु की आरती
Ravi Prakash
मेरे पापा
ओनिका सेतिया 'अनु '
हम एक है
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
पिता का साथ जीत है।
Taj Mohammad
संकरण हो गया
सिद्धार्थ गोरखपुरी
पिता
Neha Sharma
तेरा यह आईना
gurudeenverma198
Loading...