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Jun 15, 2021 · 1 min read

ग़रीबी-अमीरी-इश्क़ और शराफत

खप्पर छानी के घर से कोई गरीब नहीं हो जाता हैँ,
ऊंचे महलो से कोई अमीर नहीं हो जाता हैँ //

घुलना-मिलना तो कइयों से लगा रहता हैँ…साहब,
चार दिन वक़्त बिता लेने से, कोई दिल के करीब नहीं हो जाता हैँ //

लोग रखते हैँ कई शौख,करते हैँ कई चीजों का नशा,
खाली नशा करने और अपशब्दों से कोई शरीफ नहीं हो जाता हैँ //

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