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Jun 5, 2022 · 1 min read

ख़ुशी

उसकी ख़ुशी मेरे लिए
जैसे आसमानी दुआ कोई
मेरा दर्द पी गया कोई
रात सिमटी मन के कोने में
मेरे अंतर को छू गया कोई
उसकी ख़ुशी मेरे लिए
बेहिसाब ज़ख्मों की दवा जैसी
बरस उठी कोई घटा जैसी
तपते सूरज से राहत देने
मचल उठी ठंडी हवा जैसी

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