Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Sep 19, 2017 · 1 min read

ख़ामोशी

बहुत ही तेज होती हैं ये ख़ामोशी की आवाजें।
दिलों को चीर देती हैं ये ख़ामोशी की आवाजें।
ये अब तू ही बता जाऊं कहाँ अब छोड़कर इनको।
बहुत झकझोर देती हैं ये ख़ामोशी की आवाजें।।

आरती लोहनी

1 Like · 306 Views
You may also like:
बरसात आई झूम के...
Buddha Prakash
भगवान जगन्नाथ की आरती (०१
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
रात तन्हा सी
Dr fauzia Naseem shad
हमसे न अब करो
Dr fauzia Naseem shad
सुन मेरे बच्चे !............
sangeeta beniwal
भोजपुरी के संवैधानिक दर्जा बदे सरकार से अपील
आकाश महेशपुरी
पिता एक विश्वास - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
मेरे पापा
Anamika Singh
दिल से रिश्ते निभाये जाते हैं
Dr fauzia Naseem shad
पितु संग बचपन
मनोज कर्ण
जितनी मीठी ज़ुबान रक्खेंगे
Dr fauzia Naseem shad
संत की महिमा
Buddha Prakash
✍️बड़ी ज़िम्मेदारी है ✍️
Vaishnavi Gupta
हर एक रिश्ता निभाता पिता है –गीतिका
रकमिश सुल्तानपुरी
पिता हिमालय है
जगदीश शर्मा सहज
प्रात का निर्मल पहर है
मनोज कर्ण
!!*!! कोरोना मजबूत नहीं कमजोर है !!*!!
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
"याद आओगे"
Ajit Kumar "Karn"
✍️अकेले रह गये ✍️
Vaishnavi Gupta
जो आया है इस जग में वह जाएगा।
Anamika Singh
सो गया है आदमी
कुमार अविनाश केसर
तू नज़र में
Dr fauzia Naseem shad
यादें वो बचपन के
Khushboo Khatoon
यही तो इश्क है पगले
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
"भोर"
Ajit Kumar "Karn"
पिताजी
विनोद शर्मा सागर
✍️पढ़ना ही पड़ेगा ✍️
Vaishnavi Gupta
पिता जी का आशीर्वाद है !
Kuldeep mishra (KD)
पितृ स्तुति
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
फिर भी वो मासूम है
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
Loading...