रे पथिक! जग में सभी कुछ, छोड़ कर जाना पड़ेगा।।

रे पथिक! जग में सभी कुछ, छोड़ कर जाना पड़ेगा।।
____________ल_____________________________
दम्भ से मुख तक भरा , घट फोड़कर जाना पडे़गा।
रे पथिक! जग में सभी कुछ, छोड़ कर जाना पड़ेगा।।

है यहाँ मिथ्या सभी कुछ , और श्वासें हैं पराई।
सुख तुझे लगता जो पर्वत, सत्य ही वह तुच्छ राई।
है सुनिश्चित याम जब, मुख मोड़कर जाना पड़ेगा।
रे पथिक! जग में सभी कुछ, छोड़ कर जाना पड़ेगा।।

एषणा उर में लिए मिथ्या बहु भ्रम पालता क्यों?
मोद की बस लालसा मे, स्वर्ग का सुख टालता क्यों?
है बना संबंध भव से, तोड़कर जाना पड़ेगा।
रे पथिक! जग में सभी कुछ, छोड़ कर जाना पड़ेगा।।

दुख नहीं फिर भी दुखी हैं, देख वह प्रतिवेश का सुख।
चाहता जो भी मिले उसको मिले परिवेश का सुख।
बोधगम्यक धन को बस, कर जोड़कर जाना पड़ेगा।
रे पथिक! जग में सभी कुछ, छोड़ कर जाना पड़ेगा।।

क्यों यहाँ, आना हुआ है, अवतरण, का क्या प्रयोजन।
किस मिथक, में जी रहा है, खाक को, बस मानकर धन।
लालसा, मुक्ति की कुछ बे,जोड़ कर, जाना पड़ेगा।
रे पथिक! जग में सभी कुछ, छोड़कर, जाना पड़ेगा।।

✍️ संजीव शुक्ल ‘सचिन’
मुसहरवा (मंशानगर)
पश्चिमी चम्पारण, बिहार

4 Likes · 5 Comments · 92 Views
You may also like:
पंडित मदन मोहन व्यास की कुंडलियों में हास्य का पुट
Ravi Prakash
सारी फिज़ाएं छुप सी गई हैं
VINOD KUMAR CHAUHAN
Un-plucked flowers
Aditya Prakash
पिता कुछ भी कर जाता है।
Taj Mohammad
प्रेम
श्रीहर्ष आचार्य
*•* रचा है जो परमेश्वर तुझको *•*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
माँ
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
धूप कड़ी कर दी
सिद्धार्थ गोरखपुरी
ईद में खिलखिलाहट
Dr. Kishan Karigar
क्या अटल था?
Saraswati Bajpai
मेरे बुद्ध महान !
मनोज कर्ण
निर्गुण सगुण भेद..?
मनोज कर्ण
माँ तेरी जैसी कोई नही।
Anamika Singh
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग २]
Anamika Singh
तुम्हीं हो पापा
Krishan Singh
बगिया जोखीराम में श्री चंद्र सतगुरु की आरती
Ravi Prakash
सच
अंजनीत निज्जर
नीति के दोहे 2
Rakesh Pathak Kathara
मौन की पीड़ा
Saraswati Bajpai
"राम-नाम का तेज"
Prabhudayal Raniwal
💐कलेजा फट क्यूँ नहीँ गया💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
।। मेरे तात ।।
Akash Yadav
विभाजन की व्यथा
Anamika Singh
पुत्रवधु
Vikas Sharma'Shivaaya'
💐प्रेम की राह पर-25💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
ग्रीष्म ऋतु भाग ४
Vishnu Prasad 'panchotiya'
पापा को मैं पास में पाऊँ
Dr. Pratibha Mahi
भगवान परशुराम
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
एक आवाज़ पर्यावरण की
Shriyansh Gupta
जिदंगी के कितनें सवाल है।
Taj Mohammad
Loading...