Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

हादसा

जब मर जाए कोई किसी हादसे में
तब नहीं टटोलना उसकी जेब से पैसे ,
उसकी जेब से मिलेंगे कुछ सपने कुछ ख्वाहिशें
कुछ जिम्मेदारी अपनों के लिए !

ना करना तुम उसकी परवरिश पर
कोई चिन्ह अंकित ,
वह आया होगा ना जाने कितनी जिम्मेदारियां को
अपने साथ लेकर इस शहर !
अगर मर जाए कोई किसी हादसे में
तो ना टटोलना उसकी जेब से पैसे ।

हो वह कोई वृद्ध तो यह ना समझ लेना
निकाल दिया होगा परिवार ने उसे ,
हो वह कोई युवा तो यह ना समझ लेना
प्रेम मैं ही वह मरा होगा ,
हो वह कोई बच्चा तो यह ना समझ लेना
किसी ने छोड़ दिया या वह होगा कोई अनाथ !
अगर मर जाए कोई किसी हादसे में
तो ना टटोलना उसकी जेब से पैसे ।

अब भी घरों के वृद्ध निभाते हैं
अपनी जिम्मेदारी अपने वृद्ध कंधों पर !
अब भी युवा लेकर साथ चलते हैं
अपने सपनों की जिम्मेदारियां
अपने परिवार की आर्थिक स्थिति !
कोई भी बच्चा नहीं होता जन्म से अनाथ
हालात करते हैं किसी को भी छोड़ने पर !
जब भी मर जाए कोई किसी हादसे में
नहीं टटोलना उसकी जेब से पैसे
अपनी लालच भरी आंखों से ।

नहीं करना उसके अंगों को तितर-बितर
ले जाकर किसी हॉस्पिटल में ,
किसी मां ने वर्षों लगा दिए होते हैं
उन अंगों को उपजाने में !
नहीं जलाना ,दफनाना उसको अनाथ समझकर
किसी पिता ने मांगा होगा उसको लाखों दुआओं
अनगिनत मंदिरों की सीढ़ियां चढ़कर !
मर जाए कोई किसी हादसे में
तो ना टटोलना उसकी जेब से पैसे।।

2 Likes · 3 Comments · 78 Views
You may also like:
अगर तुम सावन हो
bhandari lokesh
जिंदगी में जो उजाले दे सितारा न दिखा।
सत्य कुमार प्रेमी
तिरंगा
लक्ष्मी सिंह
सपना आंखों में
Dr fauzia Naseem shad
✍️औरत हूँ ✍️
'अशांत' शेखर
भावों उर्मियाँ ( कुंडलिया संग्रह)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
कोई हमदर्द हो गरीबी का
Dr fauzia Naseem shad
पिता
Vijaykumar Gundal
मेरी आँखे
Anamika Singh
इंसानियत बनाती है
gurudeenverma198
बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना
विनोद सिल्ला
माँ गंगा
Anamika Singh
✍️ सर झुकाया नहीं✍️
'अशांत' शेखर
दरिया
Anamika Singh
लौटे स्वर्णिम दौर
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मज़ाक बन के रह गए हैं।
Taj Mohammad
प्रकृति कविता
Harshvardhan "आवारा"
हम उन्हें कितना भी मनाले
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
नहीं हंसी का खेल
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
ज़िंदगी ख़्वाब
Dr fauzia Naseem shad
✍️बसेरा✍️
'अशांत' शेखर
दोस्त हो जो मेरे पास आओ कभी।
सत्य कुमार प्रेमी
कबीरा...
Sapna K S
ॐ शिव शंकर भोले नाथ र
Swami Ganganiya
शृंगार छंद और विधाएं
Subhash Singhai
✍️आरसे✍️
'अशांत' शेखर
रंग हरा सावन का
श्री रमण 'श्रीपद्'
हम जलील हो गए।
Taj Mohammad
Apology
Mahesh Ojha
तुमको खुशी मिलती है।
Taj Mohammad
Loading...