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6 Apr 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-531💐

हाँ ये पयाम किसी ख़ुश्बू किसी रहम से कम नहीं,
सुनो ये किसी नाज़ और मिरी तिरी जाँ से कम नहीं,
एहतिमाल कब करें क्यों करें किसकी ख़ातिर कहो,
अभी का इंतिज़ार मेरा,किसी भी इश्क़ से कम नहीं।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”
वक़्त नहीं है ।

Language: Hindi
131 Views
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