Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Feb 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-220💐

हाँ,हम तो नाचीज़ ठहरे आप बताइए,
इक सुलझी नज़र से तो देख लीजिए।।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
75 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Follow our official WhatsApp Channel to get all the exciting updates about our writing competitions, latest published books, author interviews and much more, directly on your phone.
You may also like:
चन्द अशआर (मुख़्तलिफ़ शेर)
चन्द अशआर (मुख़्तलिफ़ शेर)
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
सवा सेर
सवा सेर
Dr. Pradeep Kumar Sharma
नख-शिख हाइकु
नख-शिख हाइकु
Ashwani Kumar Jaiswal
“प्यार तुम दे दो”
“प्यार तुम दे दो”
DrLakshman Jha Parimal
ज़िंदगी ख़्वाब तो नहीं होती
ज़िंदगी ख़्वाब तो नहीं होती
Dr fauzia Naseem shad
दे दो, दे दो,हमको पुरानी पेंशन
दे दो, दे दो,हमको पुरानी पेंशन
gurudeenverma198
अनुभव
अनुभव
डॉ०प्रदीप कुमार दीप
कर्म-धर्म
कर्म-धर्म
चक्षिमा भारद्वाज"खुशी"
अम्बेडकर जी के सपनों का भारत
अम्बेडकर जी के सपनों का भारत
Shankar S aanjna
मेरी किस्मत को वो अच्छा मानता है
मेरी किस्मत को वो अच्छा मानता है
कवि दीपक बवेजा
सुधार आगे के लिए परिवेश
सुधार आगे के लिए परिवेश
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
पर्यावरण दिवस
पर्यावरण दिवस
Satish Srijan
💝 जोश जवानी आये हाये 💝
💝 जोश जवानी आये हाये 💝
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मौसम तो बस बहाना हुआ है
मौसम तो बस बहाना हुआ है
Surinder blackpen
संत गाडगे सिध्दांत
संत गाडगे सिध्दांत
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
जिंदगी को मेरी नई जिंदगी दी है तुमने
जिंदगी को मेरी नई जिंदगी दी है तुमने
Er. Sanjay Shrivastava
तारे दिन में भी चमकते है।
तारे दिन में भी चमकते है।
Rj Anand Prajapati
सेमल के वृक्ष...!
सेमल के वृक्ष...!
मनोज कर्ण
" अपनी ढपली अपना राग "
Dr Meenu Poonia
शुक्रिया है  (हिंदी गजल/गीतिका)
शुक्रिया है (हिंदी गजल/गीतिका)
Ravi Prakash
■ ग़ज़ल / धूप की सल्तनत में... 【प्रणय प्रभात】
■ ग़ज़ल / धूप की सल्तनत में... 【प्रणय प्रभात】
*Author प्रणय प्रभात*
माँ काली
माँ काली
Sidhartha Mishra
फूलों का नया शौक पाला है।
फूलों का नया शौक पाला है।
Taj Mohammad
✍️व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी✍️
✍️व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी✍️
'अशांत' शेखर
विजय पर्व है दशहरा
विजय पर्व है दशहरा
जगदीश लववंशी
तांका
तांका
Ajay Chakwate *अजेय*
याद आया मुझको बचपन मेरा....
याद आया मुझको बचपन मेरा....
Harminder Kaur
फसल , फासला और फैसला तभी सफल है अगर इसमें मेहनत हो।।
फसल , फासला और फैसला तभी सफल है अगर इसमें मेहनत हो।।
Rohit Kaushik
दुर्योधन कब मिट पाया :भाग:40
दुर्योधन कब मिट पाया :भाग:40
AJAY AMITABH SUMAN
शिक्षित बने ।
शिक्षित बने ।
Buddha Prakash
Loading...