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10 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-43💐

हवाएँ भिगोकर गईं हैं,
वो जरूर मुस्कुराए हैं।

-अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
100 Views
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