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9 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-390💐

हर चाँदनी रात अलविदा कहती है,
बे-एतिबार के रंग वफ़ा ही सहती है,
मौके पे थे,बात नहीं करनी थी उन्हें,
ये हवा भी उनकी शिक़ायत करती है

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
45 Views
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