Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jul 2, 2022 · 1 min read

हर किसी में अदबो-लिहाज़ ना होता है।

हर किसी में अदबो-लिहाज़ ना होता है।
काफिर कहां खुदा को खुदा समझता है।।1।।

ये शर्मों हया सीरत जिंदगी का गहना है।
नंगेपन में बना इंसा फैशन का नमूना है।।2।।

हर दिल अजीज़ है सभी से ये कहना है।
चार दिनों की जिन्दगी फिर तो मरना है।।3।।

अपना ही घर बस सुकूं के लिए होता है।
दूसरों के घर इंसा मेहमानों सा रहता है।।4।।

ये जिन्दगी खुशी गम का इक तराना है।
चाहो ना चाहो सबको ही गुनगुनाना है।।5।।

क्यों इतनी लग्जिश है कदमों में तुम्हारे।
बड़ा लम्बा रास्ता है ऐसे ना थको प्यारे।।6।।

ताज मोहम्मद
लखनऊ

2 Likes · 62 Views
You may also like:
सजा मुस्कराने की क्या होगी - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
'पूरब की लाल किरन'
Godambari Negi
✍️बात बात में..✍️
'अशांत' शेखर
जिनकी नज़र में
Dr fauzia Naseem shad
नाम
Ranjit Jha
मनुआँ काला, भैंस-सा
Pt. Brajesh Kumar Nayak
ॐ शिव शंकर भोले नाथ र
Swami Ganganiya
" सिर का ताज हेलमेट"
Dr Meenu Poonia
खड़ा बाँस का झुरमुट एक
Vishnu Prasad 'panchotiya'
गँवईयत अच्छी लगी
सिद्धार्थ गोरखपुरी
मिलन
Anamika Singh
ठोकर तमाम खा के....
अश्क चिरैयाकोटी
कभी - कभी .........
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
✍️जर्रे में रह जाऊँगा✍️
'अशांत' शेखर
ना पूंछ तू हिम्मत।
Taj Mohammad
कभी मिट्टी पर लिखा था तेरा नाम
Krishan Singh
समसामयिक बुंदेली ग़ज़ल /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता का सपना
श्री रमण 'श्रीपद्'
💐उत्कर्ष💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
राजनेता
Aditya Prakash
वापस लौट नहीं आना...
डॉ.सीमा अग्रवाल
माँ
Dr. Meenakshi Sharma
पुस्तक
AMRESH KUMAR VERMA
"रिश्ते"
Ajit Kumar "Karn"
गरम हुई तासीर दही की / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
ज़िंदगी पर भारी
Dr fauzia Naseem shad
तुम गैर कबसे हो गए ?...
ओनिका सेतिया 'अनु '
✍️मेरा जिक्र हुवा✍️
'अशांत' शेखर
घड़ी और समय
Buddha Prakash
वर्तमान परिवेश और बच्चों का भविष्य
Mahender Singh Hans
Loading...