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13 Jul 2022 · 1 min read

हमारी नींदें

हमारी नींदें
तरसती हैं
जिनको
देखने के लिए
वो सारे ख़्वाब
जो आंखों ने
कर दिये
रुखसत !

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

5 Likes · 1 Comment · 112 Views
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