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23 Jul 2022 · 1 min read

हमसे न अब करो

उम्मीद-ए-शोर की
हमसे न अब करो ।
ख़ामोशियों का हमने
किया इंतिख़ाब है ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
8 Likes · 166 Views
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