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हक़ीक़त

तुम से बात नही करनी
कैसे कह दूँ,
जबकि हक़ीक़त
है कुछ और
हज़ार बनाऊँ बहाने
तुझ से दूर जाने के
पर दिल खिंचता है
तेरी ओर
सिर्फ़ तेरी ओर…

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