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Apr 8, 2022 · 1 min read

हंसकर गमों को एक घुट में मैं इस कदर पी गया

हंसकर गमों को एक घुट में,
मैं इस कदर पी गया…
देखा जब मैने बाजार ए वफा में,
कभी झोली फैला कर मांगने वाला मुझे आज मेरी बोली लगाने आया…
– कृष्ण सिंह

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