Feb 23, 2022 · 1 min read

सेमल के वृक्ष…!

सेमल के वृक्ष…!
~~°~~°~~°
वो सेमल के वृक्ष पुराने …!
अब नहीं दिखते…
चौड़े सड़क से निकलने वाली ,
पगडंडी के मुहाने पर खड़ा ।
विशालकाय वो वृक्ष अब नहीं दिखते…

शहरीकरण के अंधे दौर में ,
सारे पुराने वृक्ष कट गए लगते ।
कभी कच्ची पगडंडी के ,
उद्गम की निशानी थे जो ।
अब कहाँ दिखते…

पूस माघ के मौसम ,
गद्देदार रक्तिम पुष्पों की पंखुड़ियां ,
सड़क पर बिखरे पड़े होते ,
लाल चादर से लगते ।
अब नहीं दिखते… ।

चैत वैशाख सेमल की फलियां पकती ,
तो उड़ते श्वेत रेशमी फाहें ,
चतुर्दिक व्योम तले ,
धवल नभ जलधर समान ।
अब कहाँ दिखते…

इसके कंटकयुक्त मोटे तने से ,
पीठ रगड़ खुजली मिटाते चतुष्पद जंतु ,
जो आते इसके छांव तले फिर ,
आंखमुंद थोड़ी देर आराम करते ।
अब नहीं दिखते…

वृक्ष के मोटे तने बीच कोटर में छिपे ,
कठखोदी के बच्चे कहाँ लापता हो गए ।
तने पर अपने नुकीले चोंच से ,
कलंजी फैलाये ठक ठक करते कठखोदी भी ,
अब कहाँ दिखते… ।

ऊचें वृक्ष की फुनगियों पर ,
गिद्धों की टोलियाँ विराजमान रहती ।
अपने दूरदर्शी चक्षुओं से ,
जानवरों के मृत शरीर को ,
एकटक खोजती दिखती जो ,
अब नहीं दिखते… ।

होंगे और भी कई सेमल के वृक्ष ,
पर जिसे मैंने देखा था बचपन में ।
वे अब नहीं दिखते…
पर उन सेमल के वृक्ष से जुड़ी यादें ,
अभी तक जेहन से नहीं मिटते…

मौलिक एवं स्वरचित
सर्वाधिकार सुरक्षित
© ® मनोज कुमार कर्ण
कटिहार ( बिहार )
तिथि – २३ /०२/ २०२२
फाल्गुन ,कृष्णपक्ष ,सप्तमी ,बुधवार।
विक्रम संवत २०७८
मोबाइल न. – 8757227201

2 Likes · 6 Comments · 387 Views
You may also like:
हाइकु_रिश्ते
Manu Vashistha
पिता की छांव
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
हौसलों की उड़ान।
Taj Mohammad
ये कैसा बेटी बाप का रिश्ता है?
Taj Mohammad
पानी
Vikas Sharma'Shivaaya'
सृजन कर्ता है पिता।
Taj Mohammad
मेरी धड़कन जूलियट और तेरा दिल रोमियो हो जाएगा
Krishan Singh
फेसबुक की दुनिया
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
🌺🌻🌷तुम मिलोगे मुझे यह वादा करो🌺🌻🌷
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
आपकी याद
Abhishek Upadhyay
हमारी मां हमारी शक्ति ( मातृ दिवस पर विशेष)
ओनिका सेतिया 'अनु '
तेरा पापा... अपने वतन में
Dr. Pratibha Mahi
* अदृश्य ऊर्जा *
Dr. Alpa H.
ईश्वर के संकेत
Dr. Alpa H.
"पिता"
Dr. Alpa H.
कौन था वो ?...
मनोज कर्ण
जिंदगी की कुछ सच्ची तस्वीरें
Ram Krishan Rastogi
बेटी की मायका यात्रा
Ashwani Kumar Jaiswal
पिता का पता
श्री रमण
दर्द भरे गीत
Dr.sima
हसद
Alok Saxena
पिता के रिश्ते में फर्क होता है।
Taj Mohammad
तेरी आरज़ू, तेरी वफ़ा
VINOD KUMAR CHAUHAN
प्रेम...
Sapna K S
💐प्रेम की राह पर-30💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बिछड़न [भाग २]
Anamika Singh
गँवईयत अच्छी लगी
सिद्धार्थ गोरखपुरी
पिता आदर्श नायक हमारे
Buddha Prakash
खड़ा बाँस का झुरमुट एक
Vishnu Prasad 'panchotiya'
पुस्तक की पीड़ा
सूर्यकांत द्विवेदी
Loading...