Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

सेमर

कल मैंने जब देखा तुमको, बैठे बस की खिड़की से।
लाल तुम्हारे रंग चमकते, खींच रहे थे मेरे मन को।

मन करता था आकर चुनूं, धरा धरे उन फूलों को।
पतझड़ भी आकर जहां, बैठ निहारे लाली को।

इस नीरस जग में भरते तुम, सुंदरता की आभा हो।
देख नैन सुख पाएं तुमको, सेमर तुम वो आशा हो।

मैं था विष्मित देख रहा, प्रकृति के सुंदर वर्णन को।
कितना स्नेह है भरा पड़ा, इस धरती के अंचल में।

हर कोई मोहित हो जाता, देख तुम्हारी लाल पंखुड़ियां।
कितनी सुंदर लगती होंगी, तुमकों चुनती बड़भागी चिड़ियां।

बहुत मनोहर, अधिक प्रबल इठलाते तुम हो खुद पर।
तुम भरते हो खुशहाली, उन बिन पत्तों की डाली पर।

सेमर तुमको क्या बतलाऊं, शब्द नहीं हैं कहने को।
तुमको देख अधर याद आता उस चंदा सी चंचल के।

तुम हो सेमर, वो सेमर सी।
मैं नीरस मैं रूखा हूं, बस तुमसे ही लूटा हूं।

(विकास वशिष्ठ *विक्की)

1 Like · 63 Views
You may also like:
फीका त्यौहार
पाण्डेय चिदानन्द
तू हैं शब्दों का खिलाड़ी....
Dr. Alpa H. Amin
🌻🌻🌸"इतना क्यों बहका रहे हो,अपने अन्दाज पर"🌻🌻🌸
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हमारे बाबू जी (पिता जी)
Ramesh Adheer
✍️स्त्रोत✍️
"अशांत" शेखर
ग़ज़ल-ये चेहरा तो नूरानी है
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
क्या अटल था?
Saraswati Bajpai
फिर एक समस्या
डॉ एल के मिश्र
मुझको ये जीवन जीना है
Saraswati Bajpai
अलबेले लम्हें, दोस्तों के संग में......
Aditya Prakash
पुस्तकों की पीड़ा
Rakesh Pathak Kathara
एक मुर्गी की दर्द भरी दास्तां
ओनिका सेतिया 'अनु '
इश्क।
Taj Mohammad
# बारिश का मौसम .....
Chinta netam " मन "
पिता
Dr.Priya Soni Khare
वो
Shyam Sundar Subramanian
पापा हमारे..
Dr. Alpa H. Amin
पिता:सम्पूर्ण ब्रह्मांड
Jyoti Khari
यह कैसा एहसास है
Anuj yadav
माँ
Dr. Meenakshi Sharma
.✍️आशियाना✍️
"अशांत" शेखर
*बुद्ध पूर्णिमा 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
परिंदों से कह दो।
Taj Mohammad
Be A Spritual Human
Buddha Prakash
उसे कभी न ……
Rekha Drolia
मजबूर ! मजदूर
शेख़ जाफ़र खान
सहारा हो तो पक्का हो किसी को।
सत्य कुमार प्रेमी
हिन्दुस्तान की पहचान(मुक्तक)
Prabhudayal Raniwal
प्रेम का आँगन
मनोज कर्ण
ठोकर तमाम खा के....
अश्क चिरैयाकोटी
Loading...