Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Aug 11, 2020 · 1 min read

सूरज की पहली किरण

सूरज की पहली किरण नहीं देखी, वो उजाला क्या जाने ?
इंसानियत जिसने नहीं जानी वो इंसान को क्या पहचाने ?

“अँधेरे में जीवन” काटकर वो नेकी-बदी को पहचान गए,
चकाचौंध उजाले में रहकर काली रात का सच भूल गए,
दौलत के आगोश में चूर होकर वो इंसानों से दूर हो गए,
गरूर के जाल में फंसकर वो उसमें अपना होश खो गए,

सूरज की पहली किरण नहीं देखी वो उजाला क्या जाने ?
इंसानियत जिसने नहीं जानी वो इंसान को क्या पहचाने ?

भूख की तड़प जिसने नहीं देखी वो रोटी की कीमत क्या जाने ?
प्यास की ललक नहीं देखी वो पानी की अहमियत क्या जाने ?
गरीबी की कराह जिसने नहीं देखी ग़ुरबत में रहना क्या जाने ?
बेटी-बहन की आबरू से खेले जो वो इज्जत से बसर क्या जाने ?

सूरज की पहली किरण नहीं देखी वो उजाला क्या जाने ?
इंसानियत जिसने नहीं जानी वो इंसान को क्या पहचाने ?

गाँव-गली के बालक की पूरी जिंदगी बीत गई रोते-रोते,
उसकी जवानी बुढापे में तब्दील हो गई बड़ा होते-होते,
भटक गया वो लोगो के हाथों , स्वप्नलोक में सोते-सोते,
“अनमोल जिंदगी” कट गई उसकी सब कुछ खोते-खोते I

सूरज की पहली किरण नहीं देखी वो उजाला क्या जाने ?
इंसानियत जिसने नहीं जानी वो इंसान को क्या पहचाने ?

******
( यह कविता करोड़ो गाँव-गली के बालको को समर्पित है जो अभावों में जीने को मजबूर है )

देशराज “राज”

2 Likes · 4 Comments · 384 Views
You may also like:
👌स्वयंभू सर्वशक्तिमान👌
DR ARUN KUMAR SHASTRI
क्या करे
shabina. Naaz
जो खुद ही टूटा वो क्या मुराद देगा मुझको
Krishan Singh
*अनुशासन के पर्याय अध्यापक श्री लाल सिंह जी : शत...
Ravi Prakash
पिता
Meenakshi Nagar
आइसक्रीम लुभाए
Buddha Prakash
सागर ने लहरों से की है ये शिकायत।
Manisha Manjari
गुरू
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
"अष्टांग योग"
पंकज कुमार "कर्ण"
वक्त की कीमत
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
भगवान सा इंसान को दिल में सजा के देख।
सत्य कुमार प्रेमी
मोरे सैंया
DESH RAJ
यही है मेरा ख्वाब मेरी मंजिल
gurudeenverma198
नाशवंत आणि अविनाशी
Shyam Sundar Subramanian
मेरी हस्ती
Anamika Singh
फौजी ज़िन्दगी
Lohit Tamta
💐मनुष्यशरीरस्य शक्ति: सुष्ठु नियोजनं💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
😊तेरी मिरी चिड़ी पीड़ि😊
DR ARUN KUMAR SHASTRI
चिंता और चिता
VINOD KUMAR CHAUHAN
मुझपे लफ़्ज़ों का
Dr fauzia Naseem shad
ख्वाब
Swami Ganganiya
भूल जाओ इस चमन में...
मनोज कर्ण
वो हमें दिन ब दिन आजमाते रहे।
सत्य कुमार प्रेमी
पहले दिन स्कूल (बाल कविता)
Ravi Prakash
अस्मतों के बाज़ार लग गए हैं।
Taj Mohammad
वापस लौट नहीं आना...
डॉ.सीमा अग्रवाल
इश्क का दरिया
Anamika Singh
तुलसी
AMRESH KUMAR VERMA
✍️बचा लेना✍️
"अशांत" शेखर
क्यो अश्क बहा रहे हो
Anamika Singh
Loading...