Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Settings
Oct 19, 2016 · 1 min read

सुने न काहूँ की एक

कबिरा बैठा सत्ता की कुर्सी.सुने ना काहू की एक.
जो घर फूकैं जनता को.चले हमारे साथ.

साई ज्यादो सो दीजिए.जामे पीढी दर पीढी खाए.
मै तो भूखो ही रहू.साधु भी भूखे जाए.

यह मिनिस्टर एसहु खजानौ. सबहु पानौ चाह.
जनता को लूटत खाओ.खूब लगाओ फूक आग.त्ता की कुर्सी.सुने ना काहू की एक.
जो घर फूकैं जनता को.चले हमारे साथ.

साई ज्यादो सो दीजिए.जामे पीढी दर पीढी खाए.
मै तो भूखो ही रहू.साधु भी भूखे जाए.

यह मिनिस्टर एसहु खजानौ. सबहु पानौ चाह.
जनता को लूटत खाओ.खूब लगाओ फूक आग.

73 Likes · 1 Comment · 363 Views
You may also like:
ये शिक्षामित्र है भाई कि इसमें जान थोड़ी है
आकाश महेशपुरी
जीवन संगनी की विदाई
Ram Krishan Rastogi
हो मन में लगन
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
पितु संग बचपन
मनोज कर्ण
"फिर से चिपको"
पंकज कुमार कर्ण
सागर ही क्यों
Shivkumar Bilagrami
One should not commit suicide !
Buddha Prakash
फ़ायदा कुछ नहीं वज़ाहत का ।
Dr fauzia Naseem shad
हम और तुम जैसे…..
Rekha Drolia
नदी बन जा तू
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
तुम ना आए....
डॉ.सीमा अग्रवाल
इज़हार-ए-इश्क 2
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
पिता:सम्पूर्ण ब्रह्मांड
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
"पिता का जीवन"
पंकज कुमार कर्ण
मेरा गुरूर है पिता
VINOD KUMAR CHAUHAN
कर्म का मर्म
Pooja Singh
ये बारिश का मौसम
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
✍️पढ़ रही हूं ✍️
Vaishnavi Gupta
सूरज से मनुहार (ग्रीष्म-गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
" मैं हूँ ममता "
मनोज कर्ण
गर्म साँसें,जल रहा मन / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
कुछ कहना है..
Vaishnavi Gupta
जिंदगी
Abhishek Pandey Abhi
सिर्फ तुम
Seema 'Tu haina'
जागो राजू, जागो...
मनोज कर्ण
बरसात की छतरी
Buddha Prakash
✍️गलतफहमियां ✍️
Vaishnavi Gupta
*जय हिंदी* ⭐⭐⭐
पंकज कुमार कर्ण
लाचार बूढ़ा बाप
jaswant Lakhara
कहीं पे तो होगा नियंत्रण !
Ajit Kumar "Karn"
Loading...